Varanasi News: आदमपुर में अजगैब शहीद मस्जिद-कब्रिस्तान की विवादित जमीन पर चला रेलवे का बुलडोजर, भारी फोर्स रही तैनात
काशी रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार कार्य के तहत जिला प्रशासन और रेलवे की संयुक्त टीम ने अतिक्रमण हटाया
वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत किला कोहना में मंगलवार देर रात प्रशासन का कड़ा रुख देखने को मिला। जिला प्रशासन और रेलवे की संयुक्त टीम ने अजगैब शहीद मस्जिद और कब्रिस्तान से जुड़ी विवादित भूमि पर से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। किसी भी तरह के विरोध की आशंका को देखते हुए पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
काशी रेलवे स्टेशन के कायाकल्प से जुड़ा है मामला
दरअसल, काशी रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार (Renovation) और विस्तार कार्य के लिए स्टेशन परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में करीब 47.26 एकड़ में निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इसी दायरे में आने वाली कुछ भूमि को लेकर रेलवे और स्थानीय पक्षों के बीच पुराना विवाद चल रहा था। जानकारी के अनुसार, इस मामले को लेकर अजगैब शहीद मस्जिद कमेटी की ओर से उच्च न्यायालय (High Court) में भी एक याचिका दायर की गई है।
आधी रात पहुंचा बुलडोजर, छावनी में तब्दील हुआ इलाका
मंगलवार रात इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद था। एडीसीपी (काशी जोन) वैभव बांगर, एसीपी (कोतवाली) विजय प्रताप सिंह और आदमपुर इंस्पेक्टर विमल मिश्रा के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस, पीएसी (PAC) और आरएएफ (RAF) के जवानों ने पूरे इलाके को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया था।
कार्रवाई शुरू होने से पहले ही एहतियात के तौर पर आसपास के रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई थी और आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह सीमित कर दी गई।
सीमांकन के बाद गिराया गया अतिक्रमण
प्रशासन और रेलवे की संयुक्त टीम वसंता कॉलेज पुलिस पिकेट की ओर से रेलवे के निर्माणाधीन क्षेत्र के अंदर दाखिल हुई। सबसे पहले विवादित भूमि का बारीकी से सीमांकन (Demarcation) किया गया और अतिक्रमण को चिह्नित किया गया। इसके तुरंत बाद मौके पर बुलडोजर, पोकलेन और हाइड्रा मशीनें पहुंचीं और अवैध कब्जे को जमींदोज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई कार्रवाई
प्रशासन की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के चलते किसी भी बाहरी व्यक्ति को कार्रवाई स्थल के पास फटकने नहीं दिया गया। पुलिस की इस मुस्तैदी का नतीजा रहा कि पूरी कार्रवाई के दौरान इलाके में किसी भी प्रकार का विरोध, हंगामा या तनाव की स्थिति देखने को नहीं मिली। प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से अतिक्रमण हटाने का काम पूरा कर लिया।