वाराणसी: रिटायर शिक्षक की 50 करोड़ की जमीन पर भतीजे ने मारा डाका, आयुष्मान कार्ड के बहाने लिखवा लिया 'दानपत्र'
मोहनसराय का मामला: किडनी की बीमारी से जूझ रहे चाचा को भतीजे ने दिया बड़ा धोखा।
वाराणसी। रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के मोहनसराय से सामने आया है। यहाँ एक भतीजे ने अपने रिटायर शिक्षक चाचा की बीमारी का फायदा उठाकर उनकी 50 करोड़ रुपये की कीमती जमीन धोखे से अपने नाम लिखवा ली। इस जालसाजी की जानकारी होने पर हड़कंप मच गया है।
बीमारी का फायदा उठाकर रची साजिश
पीड़िता प्रमिला मिश्रा ने अपने अधिवक्ता अशोक मिश्रा के माध्यम से सीजेएम (CJM) मनीष कुमार की अदालत में अर्जी दाखिल की है। अर्जी के मुताबिक, उनके पति ओमप्रकाश मिश्र एक रिटायर्ड शिक्षक हैं और उनकी दोनों किडनियाँ खराब हैं। हफ्ते में दो बार उनकी डायलिसिस होती है। प्रमिला का आरोप है कि उनका भतीजा विशाल मिश्र, चाचा की गंभीर स्थिति का फायदा उठाकर उन्हें डायलिसिस के बहाने घर से ले गया था।
आयुष्मान कार्ड के नाम पर 'दानपत्र' पर लिए हस्ताक्षर
पीड़िता ने बताया कि जब ओमप्रकाश मिश्र देर रात घर लौटे, तो उन्होंने पत्नी को बताया कि विशाल उन्हें आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए ले गया था और वहां कई कागजों पर उनके हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए गए। शक होने पर जब प्रमिला ने जांच की, तो पता चला कि 7 अप्रैल की शाम को ही विशाल ने धोखे से 50 करोड़ की जमीन का दानपत्र तैयार करवा लिया और उसी रात बैनामा भी करा लिया।
रजिस्ट्री ऑफिस और पुलिस पर गंभीर आरोप
इस मामले में केवल भतीजा ही नहीं, बल्कि गंगापुर रजिस्ट्री ऑफिस के अधिकारी भी घेरे में हैं। पीड़िता ने उपनिबंधक अनिल कुमार और लिपिक समेत 10 लोगों के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया है। साथ ही, रोहनिया पुलिस की भूमिका को भी संदिग्ध बताया गया है। आरोप है कि आला अधिकारियों से कई बार गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
कोर्ट का सख्त रुख, 11 मई को अगली सुनवाई
सीजेएम कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रोहनिया थाने से आख्या (रिपोर्ट) तलब की है। इसके साथ ही रजिस्ट्री ऑफिस के उपनिबंधक और लिपिक को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है। प्रकरण में अगली सुनवाई 11 मई को तय की गई है।