Varanasi NDRF Rescue: वाराणसी के वाराही घाट पर गंगा में डूब रहे बिहार के युवक के लिए देवदूत बनी NDRF, बचाई जान
देवदूत बनकर आए NDRF के जवानों ने नदी में कूदकर बचाई जान
वाराणसी, भदैनी मिरर ब्यूरो: धर्मनगरी काशी के घाटों पर आस्था की डुबकी लगाने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के जवानों ने शनिवार सुबह एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का परिचय दिया। वाराणसी के वाराही घाट पर स्नान के दौरान गहरे पानी में डूब रहे बिहार के एक युवक को NDRF की टीम ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जवानों की इस तत्परता और साहस की घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने जमकर सराहना की।
स्नान के दौरान गहरे पानी में चला गया था युवक
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार (13 जून) सुबह लगभग 08:40 बजे वाराही घाट पर पिकेट ड्यूटी में तैनात 11वीं वाहिनी NDRF की टीम ने एक युवक को नदी की तेज धारा और गहरे पानी में डूबते हुए देखा। युवक पानी में हाथ-पांव मार रहा था और मदद के लिए छटपटा रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घाट पर तैनात एनडीआरएफ के बचावकर्मी (Rescuers) बिना एक पल गंवाए तत्काल गंगा नदी में कूद गए।
लाइफ बॉय की मदद से निकाला सुरक्षित बाहर
एनडीआरएफ की टीम ने नदी की लहरों के बीच पहुंचकर डूब रहे युवक को लाइफ बॉय (Life Buoy) की मदद से संभाला और अत्यंत कुशलता से उसे सुरक्षित नदी तट पर वापस लेकर आए।
-
बचाए गए युवक की पहचान: रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान 28 वर्षीय पुनीत शर्मा, पुत्र विवेक शर्मा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गोपालगंज, बिहार का निवासी है।
-
समय रहते एनडीआरएफ द्वारा चलाए गए इस त्वरित बचाव अभियान के कारण युवक की जान बाल-बाल बच गई।
मानसून को लेकर DIG मनोज कुमार शर्मा ने जारी की अपील
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक (DIG) श्री मनोज कुमार शर्मा ने आमजन और तीर्थयात्रियों से जल सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है।
डीआईजी मनोज कुमार शर्मा की अपील: "नदियों और जलाशयों में स्नान के दौरान लोग गहरे पानी में जाने से बचें। घाटों पर लगाए गए चेतावनी संकेतों (Warning Signs) और सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों को नजरअंदाज न करें। जागरूकता और सतर्कता ही डूबने की घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है। विशेष रूप से आगामी मानसून के मौसम में जलधाराओं का वेग और जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।"