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वाराणसी: गंगा में डूब रहे तमिलनाडु के श्रद्धालु के लिए देवदूत बनी NDRF, दांडी घाट पर बचाई जान

दांडी घाट पर स्नान के दौरान गहरे पानी में चले गए थे 63 वर्षीय एस. मुतायन; एनडीआरएफ के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए लाइफ बॉय की मदद से निकाला बाहर।

 

भदैनी मिरर विशेष रिपोर्ट : धर्मनगरी वाराणसी के प्रसिद्ध दांडी घाट पर मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब गंगा स्नान के दौरान एक श्रद्धालु अचानक गहरे पानी में समाने लगा। हालांकि, तट पर मुस्तैद 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के देवदूत बने जवानों की त्वरित तत्परता से एक बड़ा हादसा होने से टल गया और श्रद्धालु की जान बचा ली गई।

 अचानक गहरे पानी में गया श्रद्धालु, NDRF ने तुरंत शुरू किया रेस्क्यू

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना सुबह लगभग 07:30 बजे की है। दांडी घाट पर तैनात एनडीआरएफ की पिकेट ड्यूटी टीम ने देखा कि स्नान कर रहा एक व्यक्ति अचानक नदी के बहाव और गहरे पानी की चपेट में आ गया तथा डूबने लगा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घाट पर तैनात एनडीआरएफ के जवानों ने बिना एक पल गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पानी में छलांग लगाते हुए जवानों ने लाइफ बॉय (Life Buoy) की मदद से व्यक्ति को सुरक्षित पकड़ लिया और सकुशल तट पर ले आए।

 तमिलनाडु के कुड्डालोर के रहने वाले हैं बुजुर्ग श्रद्धालु

सुरक्षित बाहर निकाले गए व्यक्ति की पहचान श्री एस. मुतायन (उम्र 63 वर्ष), निवासी जनपद कुड्डालोर, तमिलनाडु के रूप में हुई है। समय पर मिली प्राथमिक सहायता और त्वरित कार्रवाई के बाद श्रद्धालु पूरी तरह स्वस्थ हैं।

घाट पर मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने एनडीआरएफ टीम की इस मुस्तैदी, अदम्य साहस और मानवीय कार्य की दिल खोलकर सराहना की।

 NDRF की श्रद्धालुओं से अपील: गहरे पानी में जाने से बचें

11वीं वाहिनी एनडीआरएफ मुख्यालय की ओर से इस घटना के बाद घाटों पर मौजूद आमजन और श्रद्धालुओं के लिए जल सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है:

  1. सुरक्षित दायरा चुनें: गंगा या अन्य जल स्रोतों में स्नान करते समय प्रशासन द्वारा निर्धारित safe zones का ही उपयोग करें।

  2. गहरे पानी से दूरी: नदी के अचानक बदलते जलस्तर और बहाव को देखते हुए गहरे पानी में जाने की भूल न करें।

  3. दिशा-निर्देशों का पालन: घाटों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों व प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का कड़ाई से पालन करें।

एनडीआरएफ ने चेतावनी दी है कि खासकर मानसून व जलस्तर बढ़ने के दौरान नदी की गहराई और धारा का वेग अप्रत्याशित हो जाता है, इसलिए सभी श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।