वाराणसी: मुसहर मजदूर की पीट-पीटकर हत्या मामला, SC/ST Act न जोड़ने पर पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल
मोहाव के रामजनम वनवासी हत्याकांड में आरोपियों का नाम निकालने और हल्की धाराएं लगाने का आरोप, पीड़ित परिवार ने सुरक्षा व मुआवजे की मांग की।
भदैनी मिरर (क्राइम डेस्क): वाराणसी जिले के मोहाव क्षेत्र स्थित बड़की बारी मुसहर बस्ती में हुई मजदूर रामजनम वनवासी (45 वर्ष) की निर्मम हत्या के मामले में पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित परिवार और क्षेत्रीय लोगों ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया है कि स्पष्ट वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद पुलिस ने मुख्य आरोपियों के नाम एफआईआर से बचाए हैं और मामले में एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) की सुसंगत धाराएं नहीं जोड़ी हैं।
वाराणसी के चोलापुर थाना अंतर्गत सामंती भट्ठा मालिक ने अत्यंत निर्धन मुसहर समाज के रामजनम वनवासी की पेड़ से बांधकर पीट पीट कर हत्या कर दी।
— Dr. Pallavi Patel (@pallavi_apnadal) September 11, 2026
न्याय के लिए दर-दर भटक रहे मुसहर समाज के लोगों ने आज अपने पैरवीकारों और अधिवक्ताओं के साथ पुलिस आयुक्त वाराणसी से मिलकर गुहार लगाई। कठोर… pic.twitter.com/h71U4LzIZ9
पीट-पीटकर की गई थी हत्या, वीडियो फुटेज होने का दावा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 21 अगस्त 2026 को मोहाव निवासी रामजनम वनवासी की विशाल सिंह, अजय सिंह, बृजेश व अन्य दबंगों द्वारा लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस दुस्साहस का वीडियो फुटेज भी सोशल मीडिया और ग्रामीणों के पास उपलब्ध है। घटना के पांच दिन बाद 26 अगस्त 2026 को पुलिस ने मुकदमा (FIR सं. 0351) दर्ज किया था।
SC/ST Act की धाराएं न लगाने का गंभीर आरोप
पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस ने प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) तो लगाई है, लेकिन मृतक के अनुसूचित जाति/जनजाति (मुसहर समुदाय) से होने और जातिगत प्रताड़ना के साक्ष्य होने के बावजूद SC/ST ACT की धारा 3(2)(v) जैसी आवश्यक धाराएं शामिल नहीं की हैं। आरोप है कि पुलिस जानबूझकर नामजद आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
बेसहारा परिवार को मिल रही धमकियां, सुरक्षा और मुआवजे की मांग
मृतक मजदूर रामजनम अपने पीछे पत्नी सीता और 4 नाबालिग बच्चों को छोड़ गए हैं, जो अब पूरी तरह बेसहारा और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। पीड़िता सीता का आरोप है कि गांव के दबंग उन पर मुकदमा वापस लेने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।
पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों से गुहार लगाते हुए मुकदमे में SC/ST Act की सुसंगत धाराएं जोड़ने, दबंगों की जल्द गिरफ्तारी करने, बेसहारा परिवार को सुरक्षा प्रदान करने तथा नियमानुसार मुआवजा राशि दिलाने की मांग की है।