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वाराणसी: भू-माफियाओं पर नगर निगम का 'हंटर', चौकाघाट में मुक्त कराई 30 करोड़ की सरकारी जमीन, गरजा बुलडोजर

राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के पास 12 बिस्वा प्राइम लैंड पर था अवैध कब्जा

 

वाराणसी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के निर्देश पर सरकारी संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराने का अभियान वाराणसी में पूरी रफ्तार से चल रहा है। कंदवा के बाद अब नगर निगम वाराणसी की टीम ने चौकाघाट इलाके में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के ठीक बगल में मुख्य मार्ग पर स्थित करीब 12 बिस्वा सरकारी बंजर भूमि को नगर निगम ने अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। बाजार दर के अनुसार इस बेशकीमती जमीन की कीमत 30 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

अवैध व्यापारिक गतिविधियों का अड्डा बना था सरकारी प्लॉट

चौकाघाट मार्ग पर स्थित इस प्राइम लोकेशन की जमीन पर कुछ रसूखदारों ने अवैध रूप से टीन शेड और दीवारें खड़ी कर रखी थीं। यहां न केवल गाड़ियां खड़ी की जा रही थीं, बल्कि बड़े पैमाने पर व्यापारिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही थीं। नगर आयुक्त हिंमाशु नागपाल को इसकी शिकायत मिली थी, जिसके बाद राजस्व विभाग से जांच कराने पर भूमि के 'बंजर' होने की पुष्टि हुई।

6 घंटे चला बुलडोजर, विरोध हुआ नाकाम

नगर आयुक्त के आदेश पर सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव और नायब तहसीलदार शेष नाथ के नेतृत्व में प्रवर्तन दल और अतिक्रमण दस्ता दो जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचा। जैसे ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई, अतिक्रमणकारियों ने विरोध की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल और निगम की टीम की सख्ती के आगे किसी की एक न चली। करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने टीन शेड और अस्थायी निर्माणों को जमींदोज कर जमीन को पूरी तरह अपने कब्जे में ले लिया।

बाजार में करोड़ों की है कीमत

राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के पास मेन रोड पर होने के कारण यह जमीन व्यावसायिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजस्व विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र में जमीन की बाजार दर लगभग 1.5 से 2 करोड़ रुपये प्रति बिस्वा है। 12 बिस्वा जमीन मुक्त कराकर नगर निगम ने भू-माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।

नगर निगम की इस कार्रवाई से शहर के अन्य भू-माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। नगर आयुक्त ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।