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वाराणसी: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण को लेकर एक्शन मोड में नगर निगम, 16 जर्जर भवनों पर नोटिस चस्पा

भवन स्वामी स्वयं गिराएं अपना हिस्सा, वरना नगर निगम वसूलेगा ध्वस्तीकरण और मलबा हटाने का खर्च

 

काशी के हृदय स्थल और प्रमुख व्यावसायिक केंद्र दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए नगर निगम ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को नगर निगम की टीम ने इलाके के 16 जर्जर भवनों पर नोटिस चस्पा कर उन्हें तत्काल खाली करने और असुरक्षित हिस्से को हटाने का निर्देश दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे दालमंडी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

सालों से जर्जर थे भवन, अब चौड़ीकरण की जद में

जिन भवनों पर नोटिस चस्पा किया गया है, वे पिछले कई वर्षों से जर्जर अवस्था में थे और सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक माने जा रहे थे। चूंकि अब दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना पर काम शुरू होना है, इसलिए इन भवनों को हटाना अनिवार्य हो गया है। नोटिस की जद में आए अधिकांश भवनों के भूतल (Ground Floor) पर दुकानें संचालित हैं, जबकि ऊपरी मंजिलों पर लोग वर्षों से निवास कर रहे हैं।

भवन स्वामियों को नगर निगम की चेतावनी

नगर निगम ने नोटिस के माध्यम से भवन स्वामियों को सख्त निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर जर्जर हिस्से को स्वयं ही ध्वस्त कर लें। निगम ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि विभाग को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी पड़ी, तो इसका पूरा खर्च और मलबे को हटाने की लागत भी संबंधित भवन स्वामी से ही वसूली जाएगी।

व्यापारियों और निवासियों की बढ़ी धड़कनें

दालमंडी जैसे घने और संकरे क्षेत्र में नोटिस चस्पा होने के बाद वहां के निवासियों और व्यापारियों में चिंता साफ देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से यहां रह रहे हैं और व्यापार कर रहे हैं, ऐसे में अचानक हुई इस कार्रवाई से उनके सामने संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, प्रशासन का तर्क है कि चौड़ीकरण से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं से भी बचाव होगा।

प्रशासनिक मुस्तैदी

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, दालमंडी का यह मार्ग बेहद संकरा है और यहां जर्जर भवनों के कारण हमेशा हादसे का डर बना रहता है। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत इन अवरोधों को हटाना प्राथमिकता है ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।