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Varanasi: करखियाव सीएनजी पंप पर भीषण आग से हाहाकार; 40 फीट ऊंची लपटों के बीच हाई-प्रेशर ब्लास्ट का खतरा

गैस भरते समय शॉर्ट सर्किट से भड़की चिंगारी, कर्मचारियों ने दबाया इमरजेंसी स्टॉप बटन; डीसीपी गोमती नीतू कादयान और एसडीएम पिंडरा ने संभाला मोर्चा, 200 मीटर का इलाका सील।

 

 

क्राइम डेस्क, भदैनी मिरर: वाराणसी-जौनपुर हाईवे पर स्थित करखियाव गांव के पास शुक्रवार रात करीब 9:20 बजे एक सीएनजी (CNG) पंप पर भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी भयावह है कि आसमान में 40 फीट से अधिक ऊंचाई तक लपटें साफ देखी जा रही हैं। हादसा उस समय हुआ जब पंप पर एक गाड़ी में सीएनजी गैस रिफिल की जा रही थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे पंप परिसर में भगदड़ मच गई और कर्मचारी अपनी जान बचाकर बाहर की तरफ भागे।

हादसे की संवेदनशीलता को देखते हुए डीसीपी गोमती नीतू कादयान, एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा और नायब तहसीलदार राधेश्याम यादव भारी पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की टीम के साथ मौके पर मुस्तैद हैं।

सूझबूझ: इमरजेंसी स्टॉप बटन दबाया, पर पाइपों में गैस के दबाव से भड़की आग

चश्मदीदों के मुताबिक, आग लगते ही पंप के कर्मचारियों ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने तुरंत 'इमरजेंसी स्टॉप बटन' दबाकर मुख्य स्टोरेज टैंक और कंप्रेसर से होने वाली गैस सप्लाई को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने अलार्म बजाया और 'मैन्युअल मास्टर शट-ऑफ वाल्व' को बंद करने के लिए चिल्लाने लगे।

काफी मशक्कत के बाद मास्टर शट-ऑफ वाल्व को तो बंद कर दिया गया, लेकिन तब तक सीएनजी के छोटे पाइप और वहां लगे सिलेंडर आग की चपेट में आ चुके थे। पाइपों में गैस का दबाव बहुत ज्यादा होने के कारण लपटें लगातार विकराल होती गईं, जिसे देख हाईवे से गुजरने वाले वाहनों के पहिए थम गए।

सिलेंडरों को ठंडा करने में जुटीं 12 से अधिक दमकल गाड़ियां, ब्लास्ट की आशंका

सीएनजी की आग की प्रकृति ऐसी होती है कि उस पर सीधे पानी डालने से असर बेहद कम होता है। गैस सप्लाई कट-ऑफ होने के बाद भी सीएनजी के मुख्य सिलेंडर अत्यधिक गर्म हो चुके हैं। ऐसे में किसी भी 'हाई-प्रेशर ब्लास्ट' (सिलेंडर फटने) की आशंका को रोकने के लिए फायर ब्रिगेड की 12 से अधिक गाड़ियां लगातार सिलेंडरों पर पानी की तेज बौछारें डालकर उन्हें ठंडा करने में जुटी हैं। शहर के अन्य केंद्रों से भी दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां लगातार पानी लेकर मौके पर पहुंच रही हैं।

सुरक्षा घेरा: 200 मीटर का दायरा पूरी तरह खाली कराया गया

प्रशासन ने किसी भी बड़े जानमाल के नुकसान को टालने के लिए सीएनजी पंप के आसपास के करीब 200 मीटर के पूरे एरिया को पूरी तरह खाली करा दिया है। पंप पर खड़ी सभी गाड़ियों और वहां मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित दूरी पर भेज दिया गया है। पुलिस ने बाउंड्री, मुख्य सड़क या आसपास के खेतों में भी किसी को खड़े होने की अनुमति नहीं दी है।

युद्धस्तर पर जारी है राहत कार्य: डीसीपी गोमती

घटना के संबंध में जानकारी देते हुए डीसीपी गोमती नीतू कादयान ने बताया:

"करखियाव स्थित सीएनजी पंप पर आग लगने की इस गंभीर घटना का पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर तुरंत संज्ञान लिया गया है। फायर सर्विस के जवान बेहद विपरीत परिस्थितियों में युद्धस्तर पर आग पर काबू पाने और सिलेंडरों को सुरक्षित करने में जुटे हुए हैं। स्थानीय पुलिस बल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्य (रेस्क्यू ऑपरेशन) में पूरी तत्परता से सहयोग कर रहा है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।"