वाराणसी: सिगरा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण में बड़ी लापरवाही, निर्माण एजेंसी पर 5 लाख का जुर्माना
मानकों से खिलवाड़ पड़ा भारी, महापौर और नगर आयुक्त के कड़े रुख से मचा हड़कंप
वाराणसी। सिगरा क्षेत्र में निर्माणाधीन कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में गुणवत्ता और मानकों के साथ खिलवाड़ करना कार्यदायी संस्था को अब महंगा पड़ गया है। शुक्रवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने संयुक्त रूप से प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण किया। निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं और लापरवाही मिलने पर नगर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित एजेंसी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना (पेनाल्टी) लगा दिया।
निरीक्षण के दौरान भड़के महापौर और नगर आयुक्त
जैसे ही महापौर और नगर आयुक्त सिगरा स्थित निर्माण स्थल पर पहुंचे, वहां फैली अव्यवस्था और कार्य की सुस्त रफ्तार देखकर अधिकारियों पर बिफर पड़े। मौके पर चल रहा काम तय मानकों के विपरीत पाया गया। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को फटकार लगाते हुए दो टूक कहा:
"जनता के पैसे से हो रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।"
तकनीकी खामियों पर गिरी गाज
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने खुद निर्माण कार्य की तकनीकी बारीकियों की जांच की। लेआउट की समीक्षा और अब तक हुए कार्यों की प्रगति देखने के बाद उन्होंने पाया कि नियमों को दरकिनार किया जा रहा है।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
-
जुर्माना: कार्यदायी संस्था पर तत्काल प्रभाव से 5 लाख रुपये का अर्थदंड।
-
चेतावनी: भविष्य में दोबारा शिकायत मिलने पर संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी।
-
समीक्षा: प्रोजेक्ट के लेआउट और गुणवत्ता की रिपोर्ट दोबारा पेश करने के निर्देश।
शहर का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है सिगरा कॉम्प्लेक्स
महापौर ने बताया कि सिगरा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स वाराणसी की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसे शहरवासियों की आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है, ऐसे में निर्माण की नींव में ही कमजोरी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। निरीक्षण के समय नगर निगम के वरिष्ठ अभियंता और कई विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।