Varanasi: यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, चचेरे भाई की जगह एग्जाम देने पहुंचा 'मुन्नाभाई' गिरफ्तार
राजातालाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बायोमेट्रिक जांच ने खोली बलिया के फर्जी अभ्यर्थी की पोल; जीके और रीजनिंग के सवालों ने परीक्षार्थियों को छकाया।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती (कॉन्स्टेबल) परीक्षा के दूसरे दिन वाराणसी के राजातालाब थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां परीक्षा केंद्र पर कड़ाई से की जा रही चेकिंग के दौरान एक फर्जी अभ्यर्थी (सॉल्वर) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी अपने चचेरे भाई की जगह परीक्षा देने परीक्षा केंद्र के भीतर दाखिल हो गया था, लेकिन मुस्तैद प्रशासन के आगे उसकी चालाकी धरी की धरी रह गई।
बायोमेट्रिक और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में फंसा 'मुन्नाभाई'
भदैनी मिरर को मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को सुबह की पहली पाली में राजातालाब स्थित एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों का प्रवेश कराया जा रहा था। इसी दौरान आंतरिक सुरक्षा टीम द्वारा बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Verification) और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही थी।
दस्तावेजों में विसंगति और बायोमेट्रिक मिसमैच होने पर केंद्र प्रशासन को संदेह हुआ। जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की पहचान राजकुमार शाह (निवासी: महाराजपुर चांदपुर, थाना बांसडीह, जिला बलिया) के रूप में हुई है। उसने स्वीकार किया कि वह अपने चचेरे भाई दीपक कुमार के स्थान पर परीक्षा देने बैठा था।
सॉल्वर गैंग से कनेक्शन की जांच, भाई की भी होगी गिरफ्तारी
केंद्र प्रभारी की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंची राजातालाब पुलिस ने आरोपी राजकुमार शाह को हिरासत में ले लिया। मामले की जानकारी देते हुए एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी का संबंध किसी संगठित सॉल्वर गिरोह से तो नहीं है। इसके साथ ही असली अभ्यर्थी और उसके चचेरे भाई दीपक कुमार की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है।
"परीक्षा की शुचिता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फर्जी अभ्यर्थी पकड़ा जा चुका है और असली उम्मीदवार को भी जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।" — नृपेंद्र कुमार, एडीसीपी गोमती जोन
एग्जाम एनालिसिस: जीके में उलझे, रीजनिंग ने छुड़ाए पसीने
दूसरे दिन की परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने भदैनी मिरर से बातचीत में बताया कि प्रश्न पत्र का स्तर काफी कठिन था।
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सामान्य ज्ञान (GK): इतिहास, संविधान और समसामयिकी के कई सवाल काफी घुमावदार थे, जिसमें अभ्यर्थियों का काफी समय बर्बाद हुआ।
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रीजनिंग (Reasoning): तार्किक क्षमता के प्रश्नों को हल करने में कैलकुलेशन लंबी थी, जिसके चलते बहुत से अभ्यर्थियों के सवाल छूट गए।
वाराणसी में 12,362 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा
वाराणसी के 50 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम देखे गए। प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां लगातार केंद्रों का निरीक्षण करती रहीं।
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कुल पंजीकृत अभ्यर्थी: 44,064 (दोनों पालियों को मिलाकर)
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उपस्थित अभ्यर्थी: 31,702
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अनुपस्थित अभ्यर्थी: 12,362
पहली पाली में जहां 22,032 में से 15,987 अभ्यर्थी शामिल हुए, वहीं दूसरी पाली में 15,715 उम्मीदवारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। परीक्षा छूटने के बाद वाराणसी कैंट स्टेशन और बस डिपो पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखी गई, जहां वे आपस में आंसर-की का मिलान करते नजर आए।