वाराणसी: शिवाला घाट पर बड़ा हादसा टला, डूब रही आंध्र प्रदेश की 3 युवतियों के लिए 'देवदूत' बने मल्लाह
स्नान के दौरान गहरे पानी में समाने लगे थे 15 तीर्थयात्री, नाविकों ने जांबाजी दिखाकर बचाई जान
वाराणसी। धर्मनगरी काशी के शिवाला घाट पर रविवार की सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब आंध्र प्रदेश से आए तीर्थयात्रियों का एक जत्था स्नान के दौरान गहरे पानी की चपेट में आ गया। इस दौरान तीन युवतियां डूबने लगीं, जिन्हें स्थानीय नाविकों ने अपनी तत्परता और अदम्य साहस से मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।
अचानक मचा शोर और अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश से लगभग 15 तीर्थयात्रियों का एक समूह काशी दर्शन और गंगा स्नान के लिए शिवाला घाट (भेलूपुर थाना क्षेत्र) पहुँचा था। स्नान करते समय पानी के वेग और गहराई का अंदाजा न होने के कारण समूह के कई सदस्य गहरे पानी की ओर चले गए। देखते ही देखते तीन युवतियां डूबने लगीं, जिन्हें देख घाट पर मौजूद अन्य यात्रियों में हड़कंप मच गया।
नाविकों की जांबाजी: ऐसे बचाई गई जान
घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय नाविकों ने बिना एक पल गंवाए गंगा की लहरों में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद तीनों युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सुरक्षित निकाली गई युवतियों के नाम निम्नलिखित हैं:
-
एस.वी. पांडा (आंध्र प्रदेश)
-
अनुशा प्रिया (आंध्र प्रदेश)
-
चिन्नी पेरो (आंध्र प्रदेश)
नाजुक थी हालत, 'लाइफ-सेविंग' बनी सीपीआर (CPR)
रेस्क्यू के दौरान एक युवती की हालत काफी बिगड़ गई थी और वह बेसुध हो गई थी। नाविकों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए घाट पर ही उसे सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) दिया। कुछ देर बाद युवती की सांसें सामान्य हुईं और उसकी स्थिति में सुधार आया।
काशी के असली हीरो: इन नाविकों ने पेश की मिसाल
घाट पर मौजूद लोगों और तीर्थयात्रियों ने इन साहसी नाविकों की जमकर सराहना की। इस रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने वाले प्रमुख नाविकों में शामिल हैं:
-
सुरेश मांझी
-
दिलीप साहनी
-
भुवाल साहनी