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Varanasi: बिजली विभाग के लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज! DM सत्येंद्र कुमार ने दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम

'सुधर जाएं जेई, एई, एसडीओ और एक्सियन, वरना होगी बड़ी कार्रवाई'— कलेक्ट्रेट बैठक में कड़े तेवर

 

वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): जनपद में बिजली चोरी और हाई लाइन लॉस (विद्युत घाटे) को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने अब बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कड़े तेवर अपनाते हुए विद्युत वितरण डिवीज़नवार और फीडरवार लाइन लॉस की समीक्षा की। इस दौरान खराब प्रदर्शन और लापरवाही मिलने पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए जूनियर इंजीनियर (JE), असिस्टेंट इंजीनियर (AE), एसडीओ (SDO) और अधिशासी अभियंताओं (XEN) को अगले 15 दिनों के भीतर स्थिति में सुधार लाने का अल्टीमेटम दिया है।

अधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में होगी ताबड़तोड़ प्रवर्तन कार्रवाई

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के उन फीडरों की सूची तलब की, जहाँ सबसे ज्यादा लाइन लॉस दर्ज किया जा रहा है। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में बिजली चोरी के कारण लाइन लॉस अधिक है, वहां चिन्हित करके तत्काल प्रवर्तन (विजिलेंस और छापेमारी) की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि विभाग की आंतरिक कमियों जैसे— गलत बिलिंग, मीटर रीडिंग में गड़बड़ी या उपभोक्ताओं की तकनीकी समस्याओं के कारण राजस्व का नुकसान हो रहा है, तो उसका तत्काल समाधान कराया जाए।

15 दिन में रिपोर्ट न देने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज

बैठक में डीएम ने दोटूक शब्दों में कहा कि सभी जिम्मेदार अधिकारी लाइन लॉस के मुख्य कारणों के साथ अपनी विस्तृत सुधारात्मक रिपोर्ट अगले 15 दिनों में कलेक्ट्रेट में प्रस्तुत करें। उन्होंने चेतावनी दी, "जून माह की परफॉर्मेंस रिपोर्ट ही अधिकारियों का रिपोर्ट कार्ड तय करेगी। यदि अगले 15 दिनों के भीतर ग्राउंड लेवल पर सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।"

जियो-टैगिंग और आईजीआरएस शिकायतों पर विशेष जोर

बिजली विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सुदृढ़ता लाने के लिए जिलाधिकारी ने फीडरवार सभी उपभोक्ताओं की शत-प्रतिशत और सही जियो-टैगिंग (Geotagging) कराने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने जनता से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर बिजली विभाग से संबंधित जितनी भी शिकायतें लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के भीतर निपटाया जाए। जनता को बेवजह परेशान करने वाले अफसरों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।

सोमवार को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) समेत जनपद के सभी जोन के अधिशासी अभियंता, एसडीओ, एई और जेई मुख्य रूप से मौजूद रहे।