वाराणसी: गणेशपुरी में जलभराव का तांडव, क्या ऐसे ही बहेगा सीवर का पानी और सोता रहेगा नगर निगम?
चितईपुर क्षेत्र में नारकीय बने हालात; जूते-मोजे हाथ में लेकर स्कूल जाने को मजबूर मासूम, पार्षद के आश्वासनों के बावजूद नहीं निकला स्थायी समाधान
वाराणसी (चितईपुर) / भदैनी मिरर: कमिश्नरेट वाराणसी के चितईपुर थाना क्षेत्र स्थित गणेशपुरी कॉलोनी में जलनिकासी और सीवर की समुचित व्यवस्था न होने से स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। कॉलोनी की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों में घुटनों तक जमा पानी के कारण लोगों का अपने घरों से निकलना दूभर हो गया है। नगर निगम के दावों के विपरीत धरातल पर कॉलोनीवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
हाथ में जूते-मोजे लेकर स्कूल जाने की लाचारी
जलभराव का सबसे गंभीर और दुखद असर छोटे-छोटे स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। सुबह स्कूल जाते समय और दोपहर में लौटते वक्त बच्चों को गंदे और दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है। स्थिति यह है कि कई बच्चे अपने जूते और मोजे हाथों में लेकर पानी पार करने को मजबूर हैं। पानी के लंबे समय तक जमा रहने से फिसलन और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए पैदल चलना तक खतरनाक हो गया है।
पार्षद के आश्वासन का नहीं दिखा असर
स्थानीय निवासी डॉ. अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में सीवर और ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। थोड़ी सी बारिश के बाद कई दिनों तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है। निवासियों के मुताबिक, क्षेत्रीय पार्षद श्याम भूषण ने समस्या का संज्ञान लेकर जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस व स्थायी कदम नहीं उठाया गया है।
स्थायी समाधान और तकनीकी जांच की मांग
कॉलोनीवासियों का स्पष्ट कहना है कि पंप लगाकर केवल अस्थायी रूप से पानी निकालने से इस गंभीर समस्या का हल नहीं होगा। इसके लिए नगर निगम प्रशासन को पूरे गणेशपुरी क्षेत्र की सीवर लाइन और ड्रेनेज सिस्टम की तकनीकी जांच कराकर एक स्थायी ड्रेनेज प्लान बनाना होगा।
स्थानीय निवासियों ने खबर के माध्यम से जिला प्रशासन और नगर आयुक्त का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल प्रभाव से जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि आम जनता और स्कूली बच्चों को इस समस्या से राहत मिल सके।