{"vars":{"id": "125128:4947"}}

Varanasi: काशी को मिली तीन नई ट्रेन सेवाओं की सौगात, स्लीपर वंदे भारत, मेमू और प्रयागराज पैसेंजर का शुभारंभ

रातभर में दिल्ली का सफर कराने वाली स्लीपर वंदे भारत के साथ-साथ राजातालाब और प्रयागराज के लिए भी नई ट्रेनें शुरू

 

 

भदैनी मिरर रेलवे डेस्क, वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के रेल यात्रियों के लिए शुक्रवार (31 अक्टूबर) का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ है। काशी की बढ़ती आबादी, पर्यटन और यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए रेलवे ने एक साथ तीन नई रेल सेवाओं का शुभारंभ किया है। इन नई सेवाओं के शुरू होने से न केवल दिल्ली की लंबी दूरी का सफर आसान हुआ है, बल्कि स्थानीय स्तर पर राजातालाब और पड़ोसी जिले प्रयागराज के लिए भी आवागमन बेहद सुगम हो गया है।

बनारस रेलवे स्टेशन पर आयोजित भव्य समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हरी झंडी दिखाकर इन तीनों रेल सेवाओं का राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान प्रयागराज रामबाग स्टेशन से उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।

1. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: अब रातभर में पूरा होगा वाराणसी-दिल्ली का सफर

इस सौगात की सबसे बड़ी कड़ी वाराणसी और नई दिल्ली के बीच शुरू हुई देश की दूसरी और यूपी की पहली स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस है। अब तक लंबी यात्रा में दिन का समय खर्च होता था, लेकिन इस ट्रेन से यात्री रात में सफर कर सुबह सीधे दिल्ली पहुंच सकेंगे।

  • शेड्यूल और स्टॉपेज: ट्रेन संख्या 27421 वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर रात 8:50 बजे बनारस से चलकर अगले दिन सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 27422 रात 9:40 बजे नई दिल्ली से चलकर सुबह 7:10 बजे वाराणसी आएगी। रास्ते में इसका ठहराव प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद में होगा। यह सप्ताह में 6 दिन संचालित होगी।

  • अत्याधुनिक सुविधाएं: 16 कोच वाली इस ट्रेन में कुल 823 बर्थ (प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी AC) हैं। 160 किमी/घंटा की रफ्तार वाली इस ट्रेन में आधुनिक शोर नियंत्रण, कंपन रोधी व्यवस्था, उन्नत अग्नि सुरक्षा प्रणाली और दिव्यांग जनों के लिए विशेष सुविधाएं दी गई हैं।

2. वाराणसी सिटी-राजातालाब मेमू ट्रेन: शहर और रिंग रोड का सफर आसान

दूसरी बड़ी सौगात वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन है। शहर के पश्चिमी हिस्से और ग्रामीण इलाकों के दैनिक यात्रियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है।

  • 12 कोच वाली इन मेमू ट्रेनों का ठहराव वाराणसी जंक्शन, बनारस, भुलनपुर और हरदत्तपुर स्टेशनों पर होगा।

  • इस सेवा से राजातालाब के रास्ते रिंग रोड और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा, जिससे सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव और जाम की समस्या कम होगी।

3. बनारस-प्रयागराज रामबाग नई ट्रेन: न्यायिक, व्यापारिक और छात्र वर्ग को राहत

तीसरी रेल सेवा बनारस और प्रयागराज रामबाग के बीच शुरू की गई है। धार्मिक, शैक्षणिक और न्यायिक कार्यों (प्रयागराज हाईकोर्ट में मुकदमों की पैरवी) के लिए दोनों शहरों के बीच रोजाना हजारों लोग सफर करते हैं।

  • इस नई ट्रेन के शुरू होने से यात्री सुबह वाराणसी से रवाना होकर कार्यालय समय पर प्रयागराज पहुंच सकेंगे और शाम को उसी दिन वापस बनारस लौट सकेंगे। मात्र ढाई घंटे की इस यात्रा से यात्रियों के समय और पैसे दोनों की बड़ी बचत होगी।

रेल मंत्री का बड़ा ऐलान: सिग्नेचर ब्रिज का नाम होगा 'नमो ब्रिज'

इन ट्रेनों के शुभारंभ के अवसर पर वाराणसी पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित हो रहे काशी रेलवे स्टेशन और निर्माणाधीन सिग्नेचर ब्रिज का निरीक्षण किया।

  • नमो ब्रिज: रेल मंत्री ने ऐलान किया कि काशी के पास नमो घाट के नजदीक से गुजरने वाले इस सिग्नेचर ब्रिज का आधिकारिक नाम 'नमो ब्रिज' होगा, जिससे पूर्वांचल की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

  • फुटबॉल मैदान जैसा काशी स्टेशन: रेल मंत्री ने बताया कि काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक रूप दिया जा रहा है, जहां 6 प्लेटफॉर्म होंगे। इसका निर्माण इस तरह किया जा रहा है कि इसके प्लेटफॉर्म पर एक साथ 50 हजार लोग खड़े हो सकें, जिससे महाकुंभ या बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन में आसानी होगी। स्टेशन से बाबा विश्वनाथ धाम की दूरी मात्र 2 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी।