वाराणसी: UP हेल्थ डैशबोर्ड पर 5वें स्थान पर काशी; समीक्षा बैठक में गरजे DM सत्येंद्र कुमार
स्वास्थ्य योजनाओं में ढिलाई बर्दाश्त नहीं; जननी सुरक्षा योजना और टीकाकरण में सुस्ती पर जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश, 'नमो शक्ति रथ' अभियान की भी हुई समीक्षा।
वाराणसी: कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जनपद में संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और अन्य लाभार्थीपरक स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति का बारीकी से मूल्यांकन किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जनहित और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन और भुगतान में किसी भी प्रकार की शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
UP हेल्थ डैशबोर्ड में प्रदेश में 5वें स्थान पर वाराणसी
समीक्षा के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश हेल्थ डैशबोर्ड रैंकिंग में वाराणसी जनपद ने प्रदेश भर में पांचवां स्थान हासिल किया है। जिलाधिकारी ने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि लगातार मॉनिटरिंग और सुधार के जरिए जनपद को शीर्ष स्थान पर लाने का प्रयास जारी रखा जाए।
लापरवाह 290 आशा कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जनपद की 290 आशा कार्यकर्ताओं ने योजना के तहत एक भी प्रसव नहीं कराया। इस निष्क्रियता को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सभी 290 आशा कार्यकर्ताओं को नियमानुसार तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, योजना के तहत 12,744 लाभार्थियों को भुगतान कर वाराणसी प्रदेश में छठे स्थान पर है। डीएम ने सभी लंबित भुगतानों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा करने को कहा।
टीकाकरण और कैंसर स्क्रीनिंग पर विशेष जोर
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को धरातल पर मजबूत करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए:
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ग्राम सभा स्तर तक टीकाकरण की समीक्षा: टीकाकरण अभियान में अपेक्षित प्रगति न दिखने पर डीएम ने निर्देश दिया कि ग्राम सभा और सब-सेंटर स्तर पर समीक्षा की जाए और शत-प्रतिशत बच्चों का समयबद्ध टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
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'नमो शक्ति रथ' से कैंसर स्क्रीनिंग: महिलाओं में स्तन कैंसर की पहचान के लिए चलाए जा रहे 'नमो शक्ति रथ' अभियान की समीक्षा करते हुए संदिग्ध मरीजों की त्वरित जांच और इलाज की व्यवस्था करने का आदेश दिया गया।
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टीबी मुक्त भारत व अन्य कार्यक्रम: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, कृमि मुक्ति दिवस, गैर संचारी रोग नियंत्रण और टीबी मुक्त भारत अभियान के निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने पर जोर दिया गया।
बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. एन.पी. सिंह ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति और आगामी रणनीति से अवगत कराया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, डॉ. महेंद्र सोनी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक तथा विभिन्न अस्पतालों के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।