वाराणसी: 2 ACP व 6 थाना प्रभारियों का कार्यक्षेत्र बदला, लापरवाही पर 2 इंस्पेक्टर नपे
जुआ-सट्टा और देह व्यापार पर लगाम के लिए SOG-2 का गठन
वाराणसी (भदैनी मिरर)। पुलिस कमिश्नर वाराणसी मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में 29 अगस्त को मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। कार्य में शिथिलता बरतने पर गाज गिरना तय है, केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी ही थानाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।
इसी कड़ी में कमिश्नरेट में बड़े पैमाने पर अधिकारियों और थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किए गए हैं, साथ ही लापरवाही के आरोप में दो थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर किया गया है।
ACP स्तर पर बदलाव और SOG- 2 का गठन
एसीपी कैंट रहे अपूर्व पाण्डेय को सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) बनाया गया है। वहीं, अवकाश से वापसी के बाद प्रज्ञा पाठक को एसीपी कैंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमिश्नरेट क्षेत्र में अवैध गतिविधियों जैसे जुआ, सट्टा, देह व्यापार, अवैध हुक्का बार और मादक द्रव्यों की बिक्री पर विशेष निगरानी के लिए SOG-2 का गठन किया गया है। उप निरीक्षक पंकज सिंह चौहान को इसका प्रभारी नियुक्त किया गया है।
लापरवाही पर दो इंस्पेक्टर लाइन हाजिर
चर्चित श्रेया उपाध्याय हत्याकांड के मुख्य आरोपी विवेक चौबे की अब तक गिरफ्तारी न होने और कार्य में लापरवाही के कारण राजातालाब थानाध्यक्ष दयाराम को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं, चौक इंस्पेक्टर दिलीप कुमार मिश्र को भी कार्य में लापरवाही के चलते लाइन हाजिर किया गया है। दूसरे जिले में स्थानांतरण के चलते फूलपुर प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह को पुलिस लाइन भेजा गया है।
थाना प्रभारियों के नए पदस्थापन
पुलिस कमिश्नर ने प्रभारी निरीक्षक मंडुवाडीह अजय राज वर्मा को प्रभारी निरीक्षक फूलपुर बनाया है। वहीं, चेतगंज के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार शुक्ला को अब चौक थाने का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। दिगंबर उपाध्याय थानाध्यक्ष लोहता से थानाध्यक्ष मंडुवाडीह बनाए गए, पवन पांडेय चौकी प्रभारी रमना से थानाध्यक्ष चेतगंज बनाए गए, अभिजीत सिंह प्रभारी मीडिया सेल (पुलिस आयुक्त) से थानाध्यक्ष लोहता बनाए गए, जितेंद्र कुमार: थाना रोहनिया से थानाध्यक्ष राजातालाब बनाए गए।
अपराध समीक्षा बैठक के मुख्य निर्देश -
- लंबित विवेचनाएं: D-60 (10 वर्ष से कम सजा) एवं D-90 (10 वर्ष से अधिक सजा) श्रेणी के लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- महिला सुरक्षा व जीरो टॉलरेंस:: महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई और प्रार्थना पत्रों पर तत्काल विधिक कदम उठाने पर जोर दिया गया।
- लूट व चेन स्नैचिंग: ऐसी घटनाओं का प्रभावी अनावरण कर अपराधियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश।
- अंतर-थाना/जनपद अपराधी निगरानी : एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र या जनपद में जाकर अपराध करने वाले बदमाशों पर कड़ी नजर रखने और थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय करने का निर्देश।
- वित्तीय धोखाधड़ी: धारा 111 BNS एवं 107 BNSS का उपयोग कर पीड़ितों की राशि वापस दिलाने पर फोकस।
- यातायात व अतिक्रमण: नियमित पैदल गश्त, सड़कों-फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के आदेश।
- CCTV एवं हॉस्टल सुरक्षा: थानों, स्कूलों, कोचिंग और हॉस्टलों में लगे CCTV कैमरों की क्रियाशीलता की जांच और मनचलों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश।
- FIR समीक्षा व त्यौहारों पर सतर्कता: प्रत्येक FIR व गुमशुदगी की ACP स्तर पर नियमित समीक्षा होगी। साथ ही आगामी श्री कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी को लेकर क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
इस गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) आलोक प्रियदर्शी सहित सभी पुलिस राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे।