{"vars":{"id": "125128:4947"}}

Varanasi Janmashtami: शिवपुर में उमड़ा आस्था का सैलाब, औसानगंज की झांकी में दिखा 'विकास वाला बनारस' और रोपवे

परमानंदपुर में 'जय कन्हैया लाल की' के जयकारे; औसानगंज में वंदे भारत, रोपवे गंडोला और काशी विश्वनाथ मंदिर मॉडल की अनोखी झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

 

भदैनी मिरर (वीरेंद्र कुमार पटेल): धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में मनाया गया। शिवपुर थाना क्षेत्र के परमानंदपुर में भगवान विष्णु के आठवें अवतार के जन्मोत्सव पर पूरा इलाका 'कृष्णमय' नजर आया। सुबह से ही मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और दिनभर 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' के जयकारे गूंजते रहे।

औसानगंज में सजी 'बदलता भारत, बदलता बनारस' की झांकी

एक तरफ जहां मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान चल रहे थे, वहीं शहर के औसानगंज क्षेत्र में सजी एक अनोखी झांकी पूरे बनारस में चर्चा का विषय बनी रही। इस झांकी में सनातन परंपरा और कृष्ण भक्ति के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकास मॉडल' का अद्भुत समावेश देखने को मिला।

झांकी के प्रमुख आकर्षण:

  • रोपवे गंडोला व वंदे भारत: काशी विश्वनाथ मंदिर के मॉडल के ऊपर से गुजरता हुआ वाराणसी के आधुनिक 'रोपवे' का गंडोला और स्पीड से दौड़ती 'वंदे भारत ट्रेन'।

  • भव्य मंदिर श्रृंखला: काशी विश्वनाथ धाम, दिल्ली के अक्षरधाम और मथुरा-वृंदावन मंदिरों की कलात्मक प्रतिकृतियां।

  • रासलीला का दृश्य: आधुनिक विकास के साथ बाल-गोपाल और लड्डू गोपाल की मनमोहक रासलीला का मंचन।

डेढ़ महीने की कड़ी मेहनत से तैयार हुआ मॉडल

झांकी के मूर्तिकार एवं कृष्ण भक्त कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि इस अनोखे स्वरूप को आकार देने में उन्हें और उनकी टीम को डेढ़ महीने से अधिक का समय लगा।

उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति के साथ-साथ यह दिखाना था कि किस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी और पूरा भारत आधुनिकता और सनातन संस्कृति के संगम के साथ आगे बढ़ रहा है।" इस अनूठी झांकी को देखने के लिए औसानगंज में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों का तांता लगा रहा।