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वाराणसी : अंडरग्राउंड केबल बिछाकर सड़क छोड़ने वाले ठेकेदारों पर तुरंत करें कार्रवाई"

कमिश्नरी सभागार में हुई हाई-लेवल बैठक; केबल बिछाने के बाद सड़क न बनाने वाले ठेकेदार नपेंगे, बांस-बल्ली हटाकर लगेंगे पक्के पोल।

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): काशी में भीषण गर्मी के बीच लगातार आ रही बिजली ट्रिपिंग की समस्याओं और विकास कार्यों की कछुआ गति को लेकर प्रदेश सरकार के स्टांप एवं पंजीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रवीन्द्र जायसवाल बेहद सख्त नजर आ रहे हैं। गुरुवार (25 जून 2026) को कमिश्नरी सभागार में विद्युत विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक करते हुए मंत्री ने बिजली व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और बुनियादी ढांचे को सुधारने के कड़े निर्देश दिए।

बैठक में मंत्री ने सबसे ज्यादा नाराजगी शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग के बाद सड़कों की बदहाली को लेकर जताई। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि शहर में केबल बिछाने के बाद सड़कों को खोदकर भगवान भरोसे छोड़ देने वाले लापरवाह ठेकेदारों को तुरंत चिह्नित किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।

₹478 करोड़ के बजट का हिसाब, युद्ध स्तर पर बदलेंगे जर्जर तार

मंत्री रविंद्र जायसवाल ने समीक्षा के दौरान बताया कि वाराणसी में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए शासन द्वारा 478 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम बजट दिया गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि इस बजट के तहत शहर से बांस-बल्ली के सहारे चल रही बिजली सप्लाई को पूरी तरह खत्म किया जाए और चिह्नित सभी स्थलों पर 100% स्थायी विद्युत पोल लगाए जाएं। इसके अलावा, जर्जर तारों को बदलने और ओवरलोडेड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने का काम युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए।

भीषण गर्मी में बिजली ट्रिपिंग और पानी की किल्लत बर्दाश्त नहीं

वाराणसी के कई वार्डों में हो रही अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया:

  • जिन क्षेत्रों में लोकल फॉल्ट या ट्रिपिंग की समस्या है, उनका तत्काल और स्थायी समाधान किया जाए।

  • गर्मी के इस मौसम में शहर के हर नागरिक को निर्बाध बिजली और पर्याप्त पेयजल (पानी) की आपूर्ति हर हाल में मिलनी चाहिए।

  • विद्युत उपकेंद्रों (Sub-stations) के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए ताकि ओवरलोडिंग की समस्या खत्म हो सके।

पार्षदों और जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाने की सलाह

मंत्री ने बिजली विभाग के अभियंताओं (Engineers) को नसीहत दी कि वे केवल दफ्तरों में न बैठें, बल्कि स्थानीय स्तर पर संबंधित वार्ड के पार्षदों और जनप्रतिनिधियों से सीधा समन्वय स्थापित करें। जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आम जनता की समस्याओं को सुना जाए और मौके पर ही उनका समुचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को इस भीषण उमस और गर्मी में बिजली-पानी के लिए परेशान न होना पड़े।