{"vars":{"id": "125128:4947"}}

वाराणसी: चोलापुर में अंबेडकर ध्वज हटाने पर भारी बवाल, ग्रामीणों का पथराव, ACP सारनाथ समेत कई पुलिसकर्मी घायल

मौके पर एडिशनल सीपी सहित उच्चाधिकारियों ने संभाला मोर्चा

 
वाराणसी, (भदैनी मिरर)। चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में शुक्रवार को उस वक्त रणक्षेत्र जैसे हालात बन गए, जब बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का झंडा हटाए जाने के विरोध में ग्रामीण और पुलिस आमने-सामने आ गए। इस हिंसक झड़प में एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।
विवाद की जड़: झंडे को लेकर दो पक्षों में तनातनी
पूरा मामला अंबेडकर जयंती से शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि नेहिया गांव स्थित बटुक भैरवनाथ मंदिर के गेट पर दलित समाज के लोगों ने बाबा साहेब का झंडा लगाया था। अगले दिन जब ग्रामीणों ने देखा कि वहां से भगवा झंडा हटा हुआ है, तो आक्रोश फैल गया। हिंदू संगठनों के विरोध और चक्काजाम के बाद पुलिस ने मध्यस्थता करते हुए दोबारा भगवा ध्वज लगवाया और अंबेडकर का झंडा वहां से हटवा दिया। इसी बीच पोस्टर जलाए जाने की अफवाह ने आग में घी डालने का काम किया।
शुक्रवार को फिर भड़की चिंगारी
शुक्रवार सुबह दलित समाज के सैकड़ों लोग मंदिर के गेट पर फिर से अंबेडकर ध्वज स्थापित करने की मांग को लेकर इकट्ठा हो गए। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी तेज हुई और देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। 
* पुलिस पर हमला:
 प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर अचानक पथराव शुरू कर दिया।
* अधिकारी घायल:
 इस हमले में एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना के सिर में चोट आई है, उनके साथ कुछ अन्य जवान भी घायल हुए हैं।
* अस्पताल में भर्ती:
 घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है।
छावनी में तब्दील हुआ नेहिया गांव
घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल पुलिस कमिश्नर शिवहरि मीणा और डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाठीचार्ज कर आक्रोशित भीड़ को तितर-बितर किया। 
अधिकारियों का बयान
 "फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। अफवाह फैलाने वालों और कानून हाथ में लेने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। गांव में एहतियातन फ्लैग मार्च किया जा रहा है।"