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वाराणसी: नागरी नाटक मंडली में मेडेलिन ज्वेलर्स के कार्यक्रम में भारी हंगामा

6वें वार्षिकोत्सव में तख्तियां लेकर पहुंचे पीड़ित, कंपनी मालिक सत्यजीत सिंह पर 12 करोड़ के गबन और धोखाधड़ी का आरोप, एसीपी क्राइम ने संभाला मोर्चा

 

वाराणसी, भदैनी मिरर: वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र स्थित नागरी नाटक मंडली में उस समय हड़कंप मच गया, जब 'मेडेलिन ज्वेलर्स' (Medallion Jewelers) कंपनी के 6 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य कार्यक्रम में अचानक दर्जनों पीड़ितों ने पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे पीड़ितों ने कंपनी पर सोने और ऊंचे रिटर्न के नाम पर करोड़ों रुपये के गबन का गंभीर आरोप लगाया है।

ख़ास बात यह है कि इस कार्यक्रम में भीड़ जुटाने और नए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कंपनी ने कई बड़े चेहरों और नामचीन लोगों को आमंत्रित किया था। हंगामा बढ़ता देख मौके पर पहुंचे एसीपी क्राइम विदुष सक्सेना ने पीड़ितों को समझा-बुझाकर शांत कराया और लिखित शिकायत के आधार पर निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

प्रभारी निरीक्षक ने पहले ही दी थी चेतावनी

सूत्रों के अनुसार, इस कार्यक्रम के आयोजन से पहले ही कई पीड़ितों ने थाने में शिकायत पत्र देकर धोखाधड़ी की आशंका जताई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक चेतगंज ने आयोजकों को स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी थी कि यदि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार का हंगामा या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।

20 महीने में पैसा डबल और थाईलैंड टूर का लालच

कार्यक्रम स्थल पर हंगामा कर रहे पीड़ित भगवान सिंह राठौर ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि कंपनी का मालिक सत्यजीत सिंह देश भर के हजारों लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है। राठौर ने कहा, "यह कंपनी ₹100 की स्कीम चलाती है, जिसमें 20 महीने में पैसा डबल करने और सोना देने का वादा किया जाता है। आज के कार्यक्रम के लिए भी इन्होंने ऑफर रखा था कि निवेश करने वालों को थाईलैंड घुमाया जाएगा, जो कि पूरी तरह से असंभव है। शुरुआत में कुछ लोगों को फायदा देकर जाल में फंसाया गया, फिर कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई।"

मालिक सत्यजीत सिंह फरार, लखनऊ-गोरखपुर में भी थे कार्यक्रम

पीड़ित ने बताया कि इस पूरे स्कैम का मुख्य सूत्रधार कंपनी का मालिक सत्यजीत सिंह है, जो फिलहाल फरार चल रहा है। वह बनारस के इस कार्यक्रम में भी आने वाला था, लेकिन हंगामे की भनक लगते ही वह मौके से भाग निकला। पीड़ितों के अनुसार, यह घोटाला करीब 10 से 12 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने अब तक तीन बार अपनी वेबसाइट बदली है। बनारस के बाद इस कंपनी के प्रस्तावित कार्यक्रम लखनऊ, गोरखपुर और पटना में भी अगले एक महीने के भीतर होने वाले थे।

"मेरा ₹11 लाख और टीम का ₹90 लाख डूबा"

भगवान सिंह राठौर ने बताया कि उनका खुद का ₹11 लाख और उनकी पूरी टीम का मिलाकर कुल ₹90 लाख रुपये इस कंपनी में फंसा हुआ है। उन्होंने कहा, "हमें धमकियां भी दी गईं कि अगर कार्यक्रम में जाओगे तो अंजाम बुरा होगा। लेकिन मैं फेसबुक के माध्यम से जानकारी पाकर यहाँ आया ताकि बनारस के भोले-भाले लोग इस ठगी का शिकार होने से बच सकें। हमारी मांग है कि मुख्य आरोपी सत्यजीत को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए और निवेशकों का पैसा वापस दिलाया जाए।"

फिलहाल, पुलिस प्रशासन पीड़ितों से प्रार्थना पत्र लेकर पूरे मामले की फॉरेंसिक और आर्थिक अपराध के कोण से जांच करने की तैयारी कर रहा है।