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वाराणसी GRP का बड़ा एक्शन: ₹65 लाख के 310 चोरी और गुमशुदा मोबाइल बरामद

कैंट स्टेशन GRP और प्रयागराज सर्विलांस टीम को मिली बड़ी कामयाबी, पीड़ितों के खिले चेहरे

 

भदैनी मिरर, वाराणसी: 

वाराणसी कैंट की राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और प्रयागराज की सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम को अपराध नियंत्रण और यात्री सुरक्षा की दिशा में एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने विभिन्न ट्रेनों, रेलवे स्टेशनों और प्लेटफार्म परिसरों से चोरी व गुम हुए कुल 310 एंड्रॉइड और आईफोन (स्मार्टफोन) बरामद करने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस टीम द्वारा बरामद किए गए इन सभी मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 65 लाख रुपये आंकी जा रही है।

माननीय अदालत के विधिक आदेश के बाद जीआरपी प्रशासन ने इन मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को बुलाकर सौंपना शुरू कर दिया है। अपना खोया हुआ कीमती सामान दोबारा हाथ में पाकर पीड़ितों के चेहरों पर एक बार फिर बड़ी मुस्कान लौट आई है।

बनारस पहुंचे कई राज्यों के लोग, लौट आई खोई हुई उम्मीद

पुलिस अधिकारियों ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि सर्विलांस की मदद से जब इन सभी मोबाइलों को ट्रैक कर रिकवर कर लिया गया, तो उनके वास्तविक मालिकों के पते और नंबर खोजकर उनसे संपर्क साधा गया। पुलिस की कॉल पहुंचते ही देश के कई अलग-अलग राज्यों से लोग अपने फोन की डिलीवरी लेने वाराणसी कैंट थाने पहुंचे। मोबाइल स्वामियों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा झारखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब, ओडिशा और मध्य प्रदेश के लोग शामिल रहे।

"भरोसा नहीं था कि फोन मिलेगा" – पीड़ितों ने जताया आभार

थाने पर अपना फोन लेने पहुंचे पीड़ितों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। प्रयागराज (इलाहाबाद) से वाराणसी पहुंचीं सरोज यादव ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनका मोबाइल इसी साल फरवरी महीने में यात्रा के दौरान गुम हो गया था। उन्होंने कहा, "हमें तो पूरी उम्मीद टूट चुकी थी कि इतना महंगा फोन दोबारा कभी मिल पाएगा, लेकिन जीआरपी और सर्विलांस टीम की मेहनत की बदौलत आज मेरा फोन मेरे हाथ में है।"

इसी तरह वाराणसी की स्थानीय निवासी गुंजन यादव ने भी अपना साढ़े तीन महीने पहले गायब हुआ स्मार्टफोन वापस मिलने पर उत्तर प्रदेश पुलिस और कैंट जीआरपी टीम की कार्यशैली की जमकर तारीफ की और उनका विशेष आभार व्यक्त किया।

अभियान आगे भी रहेगा जारी

जीआरपी के आला अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों के सामान की सुरक्षा और अपराध पर लगाम कसना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सर्विलांस सेल और थानों की टीमें आगे भी लगातार इस तरह के विशेष अभियान चलाती रहेंगी ताकि रेल यात्रियों और आम जनता के चोरी या गुम हुए सामानों को सकुशल बरामद कर उन्हें वापस लौटाया जा सके।