वाराणसी: गंगा के जलस्तर में 5 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी, अलर्ट मोड पर प्रशासन
बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने और स्वास्थ्य-सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश; ढाब क्षेत्र में पशु चारे व टीकाकरण पर विशेष जोर
वाराणसी (भदैनी मिरर न्यूज़): पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण काशी में गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वर्तमान में गंगा का जलस्तर लगभग 68 मीटर पहुंच चुका है और यह 5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में बुधवार (19 अगस्त 2026) को संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बताया गया कि वाराणसी में गंगा नदी का वार्निंग लेवल 70.262 मीटर, डेंजर (खतरे का) लेवल 71.262 मीटर और सर्वोच्च जलस्तर (HFL) 73.901 मीटर है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
बाढ़ चौकियों पर शिफ्टवार ड्यूटी, राहत शिविरों में व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को संवेदनशील एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर समय रहते सभी आवश्यक प्रबंध पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:
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बाढ़ चौकियां व सुरक्षा: सभी बाढ़ चौकियों को तत्काल प्रभाव से सक्रिय किया जाए तथा स्वास्थ्य, नगर निगम और राजस्व विभाग के कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाए।
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नाव व बचाव उपकरण: एनडीआरएफ (NDRF), जल पुलिस और राहत दलों को नावों व जरूरी उपकरणों के साथ अलर्ट मोड पर रखा जाए।
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राहत शिविर: प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर शिविरों में भोजन, शुद्ध पेयजल, बिजली-प्रकाश और चिकित्सा व्यवस्था सुचारू रखी जाए।
ढाब क्षेत्र में पशुओं के लिए भूसा और टीकाकरण अभियान
डीएम सत्येंद्र कुमार ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि ढाब क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त भूसा व चारा वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जलभराव वाले क्षेत्रों में पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जाए।
पुराने दुर्घटना स्थलों पर गश्त और समन्वय
जिलाधिकारी ने स्पष्ट हिदायत दी कि पिछले वर्षों में जहां भी कोई हादसा या दुर्घटना हुई है, उन स्थानों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया जाए और गश्त बढ़ाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कंट्रोल रूम व उच्चाधिकारियों को सूचित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सदानंद गुप्ता ने अब तक की तैयारियों का ब्योरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एसडीएम सदर नितिन सिंह, एनडीआरएफ कमांडेंट, जल पुलिस व अन्य विभागों के अधिकारी तथा स्थानीय पार्षद मौजूद रहे।