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वाराणसी: 4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहीं गंगा, 84 घाटों का संपर्क टूटा; दशाश्वमेध पर छत पर हुई आरती

जलस्तर 67.06 मीटर पहुंचा; हरिश्चंद्र-मणिकर्णिका की सीढ़ियों पर अंतिम संस्कार, वरुणा में पलट प्रवाह से दर्जनों मोहल्लों में बाढ़ का खतरा

 

वाराणसी (भदैनी मिरर न्यूज़): धर्मनगरी काशी में गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही तेजी से बढ़ोतरी ने तटवर्ती इलाकों और घाटों पर हलचल बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) राजघाट गेज साइट के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार शाम 4:00 बजे गंगा का जलस्तर 67.06 मीटर दर्ज किया गया, जो 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। गंगा के इस उफान के चलते वाराणसी के सभी 84 घाटों का आपस में संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

छत पर पहुंची दशाश्वमेध की गंगा आरती, सीढ़ियों पर अंतिम संस्कार

गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। दशाश्वमेध घाट पर जलस्तर बढ़ने के चलते गंगा सेवा निधि द्वारा की जाने वाली विश्वप्रसिद्ध महाआरती को पांचवीं बार स्थान बदलकर अब छत पर कराया जा रहा है। संस्था के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा के अनुसार, स्थिति सामान्य होने तक आरती छत पर ही संपन्न होगी।

उधर, मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह स्थल डूब जाने के कारण अंतिम संस्कार अब सीढ़ियों के ऊपरी हिस्सों पर किया जा रहा है। स्थान कम होने से परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नया सामने घाट, संत रविदास घाट और अस्सी घाट के स्नान स्थल भी पूरी तरह डूब चुके हैं, जबकि नमो घाट के प्लेटफॉर्म तक पानी पहुंच गया है।

वरुणा नदी में पलट प्रवाह से 1000 परिवार प्रभावित होने की आशंका

गंगा में बढ़ाव के साथ ही सहायक वरुणा नदी में पलट प्रवाह (Backwater) शुरू हो चुका है। इससे तटीय इलाकों—सरैया, कोनिया, नक्खीघाट, पुराना पुल और हुकुलगंज सहित एक दर्जन से अधिक मोहल्लों में जलभराव का खतरा मंडराने लगा है। पानी भरने की स्थिति में 2,000 से अधिक पावरलूम/हथकरघा उद्योग ठप हो सकते हैं और लगभग 1,000 से अधिक परिवारों को पलायन करना पड़ सकता है।

नाव संचालन बंद, NDRF और जल पुलिस अलर्ट

नदी में तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नौका संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। एनडीआरएफ (NDRF) और जल पुलिस की टीम बोट्स के जरिए घाटों पर लगातार गश्त कर रही हैं। सावन माह के चलते काशी में उमड़ रही श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है और लाउडस्पीकर से गहरे पानी में न जाने की अपील की जा रही है।

प्रमुख आंकड़े (केंद्रीय जल आयोग - राजघाट गेज साइट):

  • वर्तमान जलस्तर: 67.06 मीटर (बढ़ाव दर: 4 सेमी/घंटा)

  • चेतावनी बिंदु (Warning Level): 70.262 मीटर

  • खतरा बिंदु (Danger Level): 71.262 मीटर

  • उच्चतम जलस्तर (H.F.L.): 73.901 मीटर