वाराणसी: 1 सेमी/घंटे की रफ्तार से उफनाईं गंगा, 50 से अधिक मंदिर डूबे; नौका संचालन पर लगी रोक
काशी में मौसम का बदला मिजाज: रुक-रुक कर बारिश जारी, नमो घाट से सामनेघाट तक जलमग्न हुए निचले हिस्से; 4 अगस्त से मानसून पकड़ेगा जोर।
वाराणसी (भदैनी मिरर): धर्मनगरी काशी में एक तरफ जहां गुरुवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है और रुक-रुक कर हो रही हल्की बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर गंगा के जलस्तर में हो रही तेजी से बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है।
Ganga Water Level: 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहीं गंगा
पहाड़ी और ऊपरी मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के साथ-साथ बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को गंगा का जलस्तर लगभग 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ते हुए 61.84 मीटर पर पहुंच गया।
जलस्तर में इस बढ़ोतरी के कारण सामनेघाट से लेकर नमो घाट तक तटवर्ती इलाकों के करीब 50 से 60 छोटे मंदिर जलमग्न हो चुके हैं। इसके साथ ही घाटों की सीढ़ियां और निचले हिस्से तेजी से पानी में डूब रहे हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर नौका संचालन पर रोक
गंगा के उफान, तेज बहाव और उठती लहरों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। जल पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से अगले आदेश तक नौका संचालन (Boating) पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
प्रशासन ने स्थानीय नाविकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे पानी के नजदीक न जाएं और सुरक्षा मानकों का पालन करें। संवेदनशील घाटों पर प्रशासनिक टीमों की गश्त बढ़ा दी गई है और जलस्तर की पल-पल निगरानी की जा रही है।
मौसम का हाल: 4 अगस्त से फिर पकड़ेगा मानसून जोर
गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 24 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हवा में नमी (आर्द्रता) का स्तर 71 फीसदी रहा।
मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, फिलहाल पूर्वांचल में मानसून की सक्रियता थोड़ी कमजोर पड़ी है। हालांकि, 4 से 5 अगस्त के बीच मानसून के एक बार फिर से सक्रिय होने की प्रबल संभावना है, जिससे वाराणसी और आसपास के जिलों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है।