{"vars":{"id": "125128:4947"}}

वाराणसी: वरुणा के तटीय इलाकों में सीवर बैक-फ्लो रोकने को बनेंगे फ्लड पिलर, जलभराव पर महापौर सख्त

स्मार्ट सिटी सभागार में महापौर अशोक तिवारी ने ली समीक्षा बैठक; लापरवाही पर तय होगी अफसरों की जवाबदेही, BHU-लंका में जलजमाव का बनेगा स्थायी समाधान।

 

भदैनी मिरर (डिजिटल डेस्क), वाराणसी: धर्मनगरी काशी में बारिश के मौसम में सीवर के बैक-फ्लो और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए वाराणसी नगर निगम ने कमर कस ली है। वरुणा नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ के दौरान सीवर के पानी को उल्टा बहने (बैक-फ्लो) से रोकने के लिए नगर निगम 'फ्लड पिलर' बनाने की योजना पर काम कर रहा है।

वहीं, स्मार्ट सिटी स्थित सिगरा सभागार में बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बारिश के बाद तैरते कचरे (फ्लोटिंग मैटेरियल) से जाम हो रहे गली पिटों की नियमित सफाई को लेकर कड़ा रुख अपनाया।

अफसरों की तय होगी जवाबदेही, कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग

समीक्षा बैठक में महापौर ने स्पष्ट किया कि गली पिटों और नालियों की सफाई में लापरवाही बरतने वाले सहायक अभियंताओं (AE) और अवर अभियंताओं (JE) की जवाबदेही सीधे तौर पर तय की जाएगी।

  • 24 घंटे में समस्या का समाधान: बारिश और जलभराव से जुड़ी जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, जो 24 घंटे के भीतर शिकायतों का समाधान करेगा।

  • 85 पंप तैनात: शहर के निचले इलाकों से जल निकासी के लिए 85 पंप लगाए गए हैं। महापौर ने निर्देश दिए कि ये पंप प्रतिदिन कितने घंटे चल रहे हैं, इसकी सख्त मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए एंटी-लारवा का छिड़काव कराने का आदेश भी दिया।

तेलियाबाग की तर्ज पर BHU और लंका का निकलेगा स्थायी समाधान

बीएचयू (BHU) अस्पताल और लंका गेट क्षेत्र में हाल ही में हुए जलभराव पर चिंता जताते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि बीएचयू प्रशासन के साथ मिलकर 'स्टॉर्म वॉटर' योजना पर काम किया जा रहा है। C&DS से प्रस्तावित नाले की ड्राइंग-डिजाइन मांगी गई है। महापौर ने कहा कि जिस तरह तेलियाबाग में जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला गया, उसी तर्ज पर बीएचयू और लंका क्षेत्र को भी जलभराव मुक्त बनाया जाएगा।

त्रिनेत्र भवन से लाइव निगरानी और रातभर निरीक्षण

बैठक के बाद महापौर ने स्मार्ट सिटी स्थित 'त्रिनेत्र भवन' के सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड के जरिए शहर के मुख्य मार्गों का जायजा लिया, जहां स्थिति सामान्य पाई गई। इसके अलावा दो दिन बाद शहर लौटे महापौर ने नगर आयुक्त के साथ चितईपुर, सामनेघाट, नगवां वार्ड और अस्सी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और पूरी रात मुस्तैद रहकर जल निकासी के कार्यों की समीक्षा की।