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Varanasi Flight Incident: हवा में इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश, ‘भूत का साया’ बताने वाला यात्री गिरफ्तार

बेंगलुरु-वाराणसी IndiGo फ्लाइट में मचा हड़कंप, CISF ने दबोचा; सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं जांच

 

वाराणसी। Lal Bahadur Shastri International Airport पर लैंडिंग से ठीक पहले IndiGo की फ्लाइट में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक यात्री ने हवा में ही इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश कर दी। घटना बेंगलुरु से वाराणसी आ रही फ्लाइट संख्या 6E-185 की है।

यात्री की इस हरकत से विमान में सवार लोगों में दहशत फैल गई और कुछ देर के लिए चीख-पुकार मच गई। हालांकि पायलट और क्रू मेंबर्स की सूझबूझ से विमान को सुरक्षित उतार लिया गया। लैंडिंग के बाद Central Industrial Security Force (CISF) ने आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया।

लैंडिंग से पहले मचा हड़कंप

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान जब रनवे पर उतरने ही वाला था तभी मऊ निवासी 26 वर्षीय युवक अचानक अपनी सीट से उठा और इमरजेंसी एग्जिट की ओर बढ़ गया।

उसने जैसे ही गेट खोलने की कोशिश की, पास बैठे यात्रियों ने शोर मचाया। क्रू मेंबर्स ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे काबू में कर लिया। घटना की सूचना तुरंत पायलट को दी गई, जिसने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को अलर्ट करते हुए सुरक्षित लैंडिंग कराई।

‘भूत का साया’ बताकर किया चौंकाने वाला दावा

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान मोहम्मद अदनान (26) के रूप में हुई है, जो मऊ जिले का निवासी है। पूछताछ में उसने अपनी इस हरकत के पीछे “भूत का साया” होने की बात कही है।

हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस दावे को गंभीरता से नहीं ले रही हैं और हर एंगल से जांच की जा रही है कि कहीं इसके पीछे कोई संदिग्ध मंशा तो नहीं थी।

गोवा से लौटते वक्त हुई घटना

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक 24 मार्च को मऊ से गोवा घूमने गया था और बेंगलुरु के रास्ते वाराणसी लौट रहा था। फ्लाइट में कुल 152 यात्री और दो बच्चे सवार थे।

BNS की धारा 125 में केस दर्ज

एयरलाइन की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जो दूसरों की जान और सुरक्षा को खतरे में डालने से संबंधित है।

मामले की जांच में Intelligence Bureau (IB) सहित अन्य खुफिया एजेंसियां भी जुट गई हैं। पुलिस ने आरोपी के परिजनों को भी वाराणसी बुलाया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

साथ ही, आरोपी को “नो फ्लाई लिस्ट” में डालने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।