वाराणसी: कोर्ट के आदेश पर VDA के JE समेत 7 कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज; रिश्वतखोरी, मारपीट और रंगदारी का मामला
नक्शा पास कराने के नाम पर 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने, जातिसूचक गाली और मारपीट का आरोप, शिवपुर पुलिस जांच में जुटी
वाराणसी,भदैनी मिरर। वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के अधिकारियों व कर्मचारियों की तानाशाही और कथित भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) की अदालत के कड़े रुख और आदेश के बाद शिवपुर थाने में वीडीए के अवर अभियंता (JE), तीन नामजद कर्मचारियों और तीन अज्ञात के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर रिश्वतखोरी, रंगदारी, घर में घुसकर मारपीट और दलित उत्पीड़न जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
नक्शा पास कराने के नाम पर एडवांस लेने और ऐंठने का आरोप
भगतपुर (शिवपुर) निवासी सुजीत सोनकर की शिकायत के अनुसार, उनकी मां लालमणी देवी के नाम से भगतपुर में भूखंड है, जिस पर वे निर्माण करा रहे थे। 8 दिसंबर 2025 को वीडीए द्वारा नोटिस चस्पा किए जाने के बाद सुजीत नियमानुसार नक्शा पास कराने वीडीए कार्यालय पहुंचे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि तत्कालीन जेई जयप्रकाश गुप्ता ने उन्हें अपने कर्मचारी सुशील उपाध्याय से मिलने को कहा। सुशील ने 3 से साढ़े 3 लाख रुपये में नक्शा पास कराने का आश्वासन देकर 30 हजार रुपये एडवांस के तौर पर ले लिए। बाद में 11 फरवरी को आवेदक को बताया गया कि कुल 8,13,433 रुपये जमा करने होंगे। 12 फरवरी को सुजीत ने 50 हजार रुपये और जमा किए व बाकी राशि के लिए समय मांगा।
₹5 लाख की अतिरिक्त मांग, न देने पर धमकी और घर में घुसकर गुंडागर्दी
जब सुजीत ने तय रकम से अधिक शुल्क मांगने पर आपत्ति जताई, तो उन्हें नए जेई के आने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया गया। आरोप है कि नए जेई ने भी निर्धारित शुल्क के अलावा तुरंत 5 लाख रुपये अतिरिक्त देने का दबाव बनाया और न देने पर मकान सील करने की धमकी दी।
मामला तब और बढ़ गया जब 17 मार्च की शाम जेई के निर्देश पर आधा दर्जन कथित कर्मचारी पीड़ित के घर पहुंचे और 5 लाख रुपये रंगदारी मांगने लगे। पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी।
जेब से पैसे छीने, परिजनों के बीच-बचाव पर जान से मारने की धमकी
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसकी जेब से 8 हजार रुपये छीन लिए और घर में तोड़फोड़ की। शोर सुनकर आए परिजनों (चचेरे भाई शिवमंगल सोनकर व भतीजे राहुल सोनकर) और स्थानीय निवासियों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। जाते-जाते आरोपी 5 लाख रुपये न देने पर फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी देकर फरार हो गए।
फिलहाल, विशेष अदालत (SC/ST) के हस्तक्षेप के बाद शिवपुर पुलिस ने जेई जयप्रकाश गुप्ता, कर्मचारी सुशील उपाध्याय, अनिरुद्ध पांडेय, सूरज यादव व तीन अन्य अज्ञात के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।