वाराणसी: 20 हजार की घूस लेते बिजली विभाग का JE और लाइनमैन गिरफ्तार; एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ दबोचा
पावर हाउस में 'पावर' का गलत इस्तेमाल: FIR का डर दिखाकर की थी 50 हजार रुपए की डिमांड, ₹20 हजार में तय हुआ था डील
Apr 10, 2026, 18:06 IST
वाराणसी,भदैनी मिरर। वाराणसी के बिजली विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंडुआडीह थाना क्षेत्र में बिजली चोरी के नाम पर केस दर्ज कराने की धमकी देकर रिश्वत मांग रहे जेई (JE) नवनीत यादव और लाइनमैन लक्ष्मण को टीम ने 20 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
बिजली चोरी का डर दिखाकर मांगे थे 50 हजार
मंडुआडीह निवासी पीड़ित शुभम श्रीवास्तव ने बताया कि बकाया बिल के कारण उनके घर की बिजली काट दी गई थी। जब वह इस मामले में बिजली कार्यालय पहुंचे, तो जेई नवनीत यादव ने उनके घर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद जेई ने शुभम पर बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की धमकी दी। मामले को रफा-दफा करने के बदले में जेई और लाइनमैन ने 50 हजार रुपये की मांग की थी।
केमिकल लगे नोटों के जाल में फंसे आरोपी
पीड़ित शुभम ने बताया कि काफी मिन्नतें करने के बाद आरोपी 20 हजार रुपये में मामला सेट करने को तैयार हुए। शुभम ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। भ्रष्टाचार निवारण इकाई ने शिकायत की पुष्टि करने के बाद जाल बिछाया। शुक्रवार को टीम ने शुभम को केमिकल लगे नोट देकर मंडुआडीह पावर हाउस भेजा।
जैसे ही शुभम ने जेई नवनीत यादव और लाइनमैन लक्ष्मण को पैसे थमाए, आसपास सादे कपड़ों में तैनात एंटी करप्शन की टीम ने उन्हें दबोच लिया। आरोपियों के हाथ धुलवाए गए, तो वे केमिकल के कारण लाल हो गए, जो उनकी संलिप्तता का सबसे बड़ा सबूत है।
जेई की जेब से बरामद हुए और भी रकम
एंटी करप्शन टीम की तलाशी के दौरान जेई नवनीत यादव के पास से घूस के 20 हजार रुपये तो बरामद हुए ही, साथ ही उनकी जेब से कुछ अन्य नकदी भी मिली है। टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या वह अन्य लोगों से भी इसी तरह वसूली कर रहा था।
मंडुआडीह थाने में कानूनी कार्रवाई जारी
गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम दोनों आरोपियों को मंडुआडीह थाने लेकर पहुंची, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Anti-Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। टीम के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।