वाराणसी DM का कड़ा रुख: कस्तूरबा गांधी स्कूलों के खराब प्रदर्शन वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई जिला शिक्षा समिति की बैठक, कम नामांकन वाले ब्लॉकों के BEO को लगाई फटकार, कहा- स्कूलों में फर्नीचर की कमी न हो।
वाराणसी / भदैनी मिरर: वाराणसी के कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी (DM) सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला शिक्षा एवं परियोजना समिति, बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने शिक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में विषयवार खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कम नामांकन और लचर प्रदर्शन पर BEO पर बरसे DM
नए शैक्षणिक सत्र में छात्र-छात्राओं के नामांकन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उन ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को कड़ी चेतावनी दी, जहां बच्चों का नामांकन लक्ष्य से काफी कम है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपेक्षित प्रगति हर हाल में लाई जाए।
इसके साथ ही 'निपुण लक्ष्य' के सापेक्ष कम मूल्यांकन प्रगति वाले विकास खंडों— हरहुआ और काशी विद्यापीठ के खंड शिक्षा अधिकारियों को तत्काल जवाबदेही तय करने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि:
"निपुण प्लस ऐप (Nipun+ App) पर बच्चों का आकलन पूरी तरह सही और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। जहाँ भी बच्चों का मूल्यांकन कम पाया गया है, वहां के जिम्मेदार कारणों की गहन समीक्षा करें और निरीक्षण की दर बढ़ाएं।"
19 पैरामीटर पर स्कूलों को चमकाने और बुनियादी सुविधाओं का आदेश
जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के तहत संचालित 19 पैरामीटर की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जनपद के सभी सरकारी और परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की बुनियादी सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध होनी चाहिए।
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फर्नीचर की उपलब्धता: सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच और डेस्क (फर्नीचर) की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए।
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दिव्यांग बच्चों के लिए संवेदनशीलता: दिव्यांग बच्चों के मेडिकल सर्टिफिकेट (प्रमाण पत्र) जारी करने में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही न बरती जाए। कोई भी आवेदन बिना ठोस कारण के पेंडिंग नहीं रहना चाहिए।
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एआरपी (ARP) की भूमिका: सभी अकादमिक संसाधन व्यक्ति (ARP) नियमित रूप से अपने क्षेत्र के स्कूलों का दौरा करेंगे और शिक्षकों व बच्चों को शैक्षणिक सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
सीएम मॉडल स्कूल और पीएम श्री योजना की समीक्षा
बैठक में 'पीएम श्री योजना', 'मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय' और 'सीएम अभ्युदय योजना' की भौतिक व वित्तीय प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा हुई। पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी का जिम्मा संबंधित ब्लॉक के बीईओ को सौंपा गया है।
इसके अलावा, सेवापुरी ब्लॉक के बाराडीह स्थित सीएम मॉडल स्कूल के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए परिसर में आ रहे पेड़ों की कटाई हेतु वन विभाग से तुरंत अनुमति लेने, उनका मूल्यांकन करने और नीलामी की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया ताकि निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर पूरा हो सके।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रखर कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सहित शिक्षा विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।