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वाराणसी: विकास कार्यों पर DM सत्येंद्र कुमार सख्त, बोले- 'निर्माण परियोजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ने की 50 लाख से अधिक और सांसद निधि के कार्यों की समीक्षा; विलंब से चल रहे प्रोजेक्ट्स को जल्द पूरा करने के निर्देश।

 

वाराणसी: काशी के विकास को गति देने और निर्माणाधीन परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। गुरुवार (16 जुलाई, 2026) को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में 50 लाख रुपये से अधिक लागत और सांसद निधि से जुड़े विकास कार्यों की एक महत्वपूर्ण अद्यतन समीक्षा बैठक संपन्न हुई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे केवल कागजों पर नहीं, बल्कि खुद मौके पर जाकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी सुनिश्चित करें।

समय सीमा से पिछड़ रहे प्रोजेक्ट्स की हुई गहन समीक्षा

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कम भौतिक प्रगति और अपनी समय सीमा (डेडलाइन) से विलंबित चल रही परियोजनाओं की कार्यदायी संस्थावार गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी परियोजनाओं के लिए स्वीकृत की गई धनराशि, अब तक अवमुक्त हुए बजट और उसके सापेक्ष जमीन पर हुई वास्तविक भौतिक प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट ली।

उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के परियोजना प्रबंधकों को सख्त हिदायत दी कि वे विशेष रुचि लें और जो भी प्रोजेक्ट्स देरी से चल रहे हैं, उन्हें तेजी से पूरा कराने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

'सीएमआइएस' पोर्टल पर तुरंत डेटा अपडेट करने के निर्देश

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने डिजिटलाइजेशन और पारदर्शिता पर जोर देते हुए निर्देश दिए:

  • पोर्टल पर अद्यतन आंकड़े: सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति को समयबद्ध तरीके से सीएमआइएस (CMIS) पोर्टल पर अपडेट कराया जाए, ताकि शासन स्तर पर अद्यतन आंकड़े परिलक्षित होते रहें।

  • समस्याओं का तुरंत निस्तारण: जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी भी परियोजना के निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की विभागीय या स्थानीय बाधा उत्पन्न होती है, तो उसे तत्काल उनके संज्ञान में लाया जाए ताकि समय रहते उसका निस्तारण कराया जा सके।

  • आपसी समन्वय से हल होंगे मुद्दे: पेंडिंग मामलों के लिए उन्होंने संबंधित विभागों से आपस में समन्वय स्थापित कर अलग से एक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

बैठक में ये अधिकारी और संस्थाएं रहीं मौजूद

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में एनएचएआई (NHAI), लोक निर्माण विभाग (निर्माण, भवन और प्रांतीय खंड), सीएन्डडीएस (C&DS), ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, यूपी सिडको, यूपीपीसीएल (UPPCL), राज्य सेतु निगम, राजकीय निर्माण निगम, आवास विकास परिषद और नगर निगम सहित वाराणसी में विकास कार्यों से जुड़ी विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के परियोजना प्रबंधक, निदेशक और संबंधित अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।