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वाराणसी दंपति हत्याकांड में 23 साल बाद आया फैसला: श्रीनगर कॉलोनी डकैती-मर्डर केस में 3 दोषियों को उम्रकैद, 15-15 हजार जुर्माना

विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला: राजू सिंह, संजय कहार और विकास झा को आजीवन कारावास

 

2003 की खौफनाक वारदात: भोर में छत के रास्ते घर में घुसे बदमाशों ने डकैती के दौरान ली थी वृद्ध दंपत्ति की जान

25 दिन बाद आदमपुर से हुई थी गिरफ्तारी: आठ गवाहों की गवाही और शिनाख्त के आधार पर कोर्ट ने सुनाई सजा

वाराणसी (भदैनी मिरर)।
वाराणसी की विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट सेकेंड) रचना सिंह की अदालत ने शनिवार को 23 साल पुराने चर्चित और खौफनाक 'श्रीनगर कॉलोनी डकैती एवं दंपत्ति हत्याकांड' में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने वृद्ध दंपत्ति की बेरहमी से हत्या और डकैती के मामले में तीन अभियुक्तों—राजू सिंह (लालगंज, मिर्जापुर), संजय कहार (रोहतास, बिहार) और विकास झा (सीतामढ़ी, बिहार) को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले के एक अन्य आरोपी छोटू कुमार की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी श्रवण रावत ने प्रभावी पैरवी की।


2003 की वो खौफनाक रात: छत के रास्ते घुसे थे डकैत


अभियोजन के अनुसार, सारनाथ थाना क्षेत्र के पहड़िया स्थित श्रीनगर कॉलोनी की निवासी सपना कपूर ने 29 अक्तूबर 2003 को 4-5 अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि 29 अक्तूबर की भोर में लगभग 3 बजे धारदार हथियार और डंडों से लैस बदमाश छत के रास्ते घर में घुसे और लूटपाट शुरू कर दी। जब परिजनों ने विरोध किया, तो डकैतों ने सपना के ससुर प्रेमनाथ कपूर, सास कमला कपूर, जेठ संजय कपूर और भतीजी सृष्टि पर जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया और माल समेटकर फरार हो गए। इलाज के दौरान वृद्ध दंपत्ति कमला कपूर और प्रेमनाथ कपूर की मौत हो गई थी।

25 दिन बाद आदमपुर से दबोचे गए थे आरोपी


घटना के बाद पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। वारदात के लगभग 25 दिन बाद पुलिस टीम ने आदमपुर क्षेत्र से बदमाशों को गिरफ्तार कर घटना का अनावरण किया था। बदमाशों की निशानदेही पर पुराने आरटीओ कार्यालय के पास एक पुलिया के नीचे से लूटी गई चाभियों का गुच्छा, आईसीआईसीआई बैंक की पे-इन-स्लिप और म्यूचुअल फंड के कागजात बरामद किए गए थे।


8 गवाहों की गवाही पर मिली सजा


मामले में जांच के दौरान सोनू नामक एक अन्य आरोपी का नाम भी सामने आया था। अस्पताल में भर्ती घायल संजय कपूर, उनकी पत्नी अनिता कपूर और एक रिश्तेदार ने अभियुक्तों की सटीक पहचान की थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 8 गवाह पेश किए, जिनकी गवाहियों और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर 23 साल बाद पीड़ितों को न्याय मिला।