वाराणसी: सड़क पर गोबर गिराने से शुरू हुआ विवाद गहराया, रमना में ग्राम प्रधानों की बैठक, सोशल मीडिया टिप्पणी पर एक्शन की मांग
सीर गोवर्धनपुर और रमना के बीच बढ़ा तनाव- प्रधानपति बोले 'माफी मांगने के बाद भी मिल रही धमकियां', बीजेपी महामंत्री बोले 'कमिश्नर से करेंगे शिकायत'
भदैनी मिरर डेस्क, वाराणसी: वाराणसी के रमना क्षेत्र में सड़क पर गोबर फैलाने और स्वामी जी की कुटिया को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामले में सोशल मीडिया पर लगातार की जा रही आपत्तिजनक टिप्पणियों और धमकियों से उग्र हुए कई गांवों के प्रधानों और ग्रामीणों ने शनिवार को रमना स्वास्थ्य केंद्र पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई।
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवेश पटेल के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में विभिन्न गांवों के दर्जनों ग्राम प्रधान और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
क्या है पूरा मामला?
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व पार्षद सुरेंद्र पटेल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि रमना ग्राम सभा में करीब 60-70 वर्ष पुराना एक मंदिर है, जिसे गांव के लोगों ने मिलकर बनवाया था। मंदिर के पास से होकर गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर कुछ लोगों द्वारा लगातार गोबर फैलाया जाता है, जिससे आवागमन करने वाले राहगीरों और महिलाओं को काफी परेशानी होती है।
इसी गोबर को हटवाने और रास्ता साफ कराने की बात कहने जब रमना के प्रधानपति अमित पटेल मौके पर गए, तो वहां विवाद हो गया। आरोप है कि इसके बाद सीर गोवर्धनपुर के कुछ जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग लामबंद हो गए और विवाद को बेवजह तूल देने लगे।
"माफी मांगने के बाद भी दी जा रही धमकियां"
बैठक के दौरान पीड़ित रमना प्रधानपति अमित पटेल ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने मीडिया के माध्यम से किसी की भावना आहत होने पर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली थी। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लगातार भद्दे कमेंट्स, व्यक्तिगत छींटाकशी और धमकियां दी जा रही हैं।
"मुझ पर आरोप लगाया जा रहा है कि मैंने अंडा बेचा है या बर्तन मांजे हैं। मेरी सामाजिक छवि को धूमिल किया जा रहा है। सीर गोवर्धनपुर के कुछ लड़के और पार्षद प्रतिनिधि मिलकर मुझे मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। मुझे धमकी दी जा रही है कि रमना से बाहर निकलोगे तो देख लेंगे। मैं पिछले दो-तीन दिनों से मानसिक रूप से बेहद तनाव में हूं।" — अमित पटेल, प्रधानपति, रमना
प्रधानपति अमित पटेल ने यह भी आरोप लगाया कि विवादित स्थल की जमीन को लेकर भी धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि संबंधित आश्रम/कुटिया की जमीन की निष्पक्ष सरकारी पैमाइश कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराने पर बनी सहमति
बैठक में मौजूद ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवेश पटेल, बीजेपी जिला महामंत्री सुरेंद्र पटेल और अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह डराना और नीचा दिखाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि:
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सोशल मीडिया पर गाली-गलौज और धमकी देने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट (IT Act) के तहत मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस कमिश्नर (CP Office) को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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रास्ते पर गोबर फैलाकर आवागमन बाधित करने वालों की शिकायत कर सड़क को सुचारू कराने की मांग की जाएगी।
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मंदिर और आसपास की जमीन की जांच के लिए जिलाधिकारी (DM) को प्रार्थना पत्र दिया जाएगा।