वाराणसी: "2027 चुनाव प्रभावित करने की साजिश..." मतदान केंद्रों की शिफ्टिंग पर भड़की कांग्रेस, एडीएम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
"माइनॉरिटी और विपक्षी गढ़ वाले बूथों को 3-4 किमी दूर भेजने का षड्यंत्र"
भदैनी मिरर, वाराणसी।
उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले वाराणसी जनपद में सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है। सोमवार (6 जुलाई) को वाराणसी जनपद के विभिन्न मतदान केंद्रों (पोलिंग बूथों) को उनके पूर्व निर्धारित स्थानों से हटाकर अन्य सुदूर स्थानों पर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर कांग्रेस ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में कांग्रेस का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल जिला मुख्यालय पहुंचा। जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी की गैर-मौजूदगी में कांग्रेसी नेताओं ने उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम प्रशासन पंकज कुमार से मुलाकात कर निष्पक्ष व पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को परेशान करने की साजिश – राघवेंद्र चौबे
महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने पक्ष रखते हुए कहा कि मतदान केंद्रों का निर्धारण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा, "लंबे समय से स्थापित मतदान केंद्रों को अचानक बिना किसी ठोस और न्यायसंगत कारण के बदलना लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है। यदि बूथ बदले गए तो सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, दिव्यांगों, महिलाओं और गरीब वर्ग के मतदाताओं को होगी। इससे वोटिंग प्रतिशत गिरेगा, जो लोकतंत्र की सेहत के लिए ठीक नहीं है।"
"बीजेपी नेता के इशारे पर हो रही माइनॉरिटी बूथों की शिफ्टिंग" – बाइट में बड़ा खुलासा
मीडिया से बातचीत के दौरान राघवेंद्र चौबे ने जिला प्रशासन और सत्ताधारी पार्टी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "जिस तरह बिहार और बंगाल के चुनावों में लोकतांत्रिक मानकों की हत्या कर चुनाव आयोग की सरपरस्ती में एक विशेष दल को लाभ पहुंचाया गया था, ठीक उसी तर्ज पर 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए वाराणसी प्रशासन वोटों की हेराफेरी और बूथों की शिफ्टिंग का खेल खेल रहा है।"
राघवेंद्र चौबे ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा, "भारतीय जनता पार्टी के एक स्थानीय नेता का एक पत्र हमारे हाथ लगा है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर वाराणसी प्रशासन को निर्देशित किया है कि माइनॉरिटी (अल्पसंख्यक) और उन क्षेत्रों के बूथों को वहां से शिफ्ट कर दिया जाए जहां विपक्ष का वोट बैंक मजबूत है। उन बूथों को पुरानी जगह से करीब 3 से 4 किलोमीटर दूर सुदूर इलाकों में भेजने का षड्यंत्र रचा जा रहा है ताकि वहां के बुजुर्ग और महिलाएं मतदान करने न जा सकें।"
वोटर लिस्ट में धांधली और 'हार' का डर
कांग्रेस नेताओं ने वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले एसआईआर (SIR) की सूची में कैंट और उत्तरी विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वास्तविक वोटरों के नाम काट दिए गए थे। लेकिन जब बीजेपी को दोनों विधानसभा सीटों पर अपनी हार साफ दिखने लगी, तो आनन-फानन में समय सीमा बढ़ाकर एक-एक विधानसभा में गलत तरीके से डेढ़-डेढ़ लाख नए वोट जोड़ दिए गए हैं। हालत यह है कि एक ही वोटर लिस्ट में एक ही व्यक्ति का नाम कई बार दर्ज है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि वे फाइनल वोटर लिस्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद इस पूरी मिलीभगत का भंडाफोड़ किया जाएगा।
एडीएम प्रशासन ने दिया आश्वासन
मामले को गंभीरता से सुनते हुए एडीएम प्रशासन पंकज कुमार ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। वर्तमान में नई वोटर लिस्ट और प्रस्तावित मतदान केंद्रों का पुनर्मूल्यांकन और भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। जनहित और मतदाताओं की सुगमता को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल:
इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के साथ फ़साहत हुसैन बाबू, डॉ. राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, रमजान अली, अशोक सिंह, वकील अंसारी, संतोष चौरसिया, हसन मेहदी कब्बन, अफसर खान, हिमांशु सिंह, विजय देवल, विनीत चौबे, दीप विश्वकर्मा, इकराम, रोहित मौर्य, चंद्रिका मौर्य, आनंद चौबे, अरविंद सेठ, रामजी गुप्ता, आजम अंसारी, घनश्याम यादव, राम लखन समेत दर्जनों वरिष्ठ कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।