वाराणसी: राहुल गांधी और अजय राय के अपमान पर भड़की कांग्रेस, लंका थाने में तहरीर देकर की बड़ी कार्रवाई की मांग
BHU अस्पताल में राहुल गांधी के नाम से पर्ची बनवाकर मानसिक अस्वस्थ बताने का आरोप; सीरगोवर्धन में 'प्रतिकार यात्रा' निकालने वालों के खिलाफ लंका पुलिस से शिकायत।
वाराणसी: देश के प्रमुख विपक्षी नेताओं के कथित अपमान को लेकर धर्मनगरी वाराणसी में सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। कांग्रेस के शीर्ष नेता व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के सम्मान को ठेस पहुंचाने के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। इस मामले में कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने लंका थाने में एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
BHU अस्पताल में राहुल गांधी के नाम पर पर्ची कटाने का आरोप
लंका थाने में दी गई तहरीर में कांग्रेस नेताओं ने बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल में कथित तौर पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नाम से एक ओपीडी पर्ची बनवाई गई। आरोप है कि इस हरकत के जरिए देश के एक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि को मानसिक रूप से अस्वस्थ दिखाने और उनकी छवि को सार्वजनिक रूप से धूमिल करने का घटिया प्रयास किया गया।
सीरगोवर्धन में निकाली गई 'प्रतिकार यात्रा'
इसके साथ ही शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा सीरगोवर्धन क्षेत्र में राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के विरोध में एक 'प्रतिकार यात्रा' निकाली गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस यात्रा के दौरान न सिर्फ बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा व नारों का इस्तेमाल किया गया, बल्कि राजनीतिक मर्यादाओं की सारी सीमाएं लांघ दी गईं।
"व्यक्तिगत अपमान लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ" कांग्रेस पदाधिकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है और हर दल को विरोध करने का अधिकार है। लेकिन किसी दल के राष्ट्रीय व प्रांतीय स्तर के वरिष्ठ नेताओं का इस तरह सार्वजनिक और व्यक्तिगत अपमान करना पूरी तरह से अनुचित है। ऐसी घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और बनारस के राजनीतिक सौहार्दपूर्ण वातावरण को दूषित करती हैं।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वाराणसी पुलिस प्रशासन से अपील की है कि लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक शुचिता की रक्षा के लिए इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जाए। उन्होंने मांग की है कि इस साजिश के पीछे शामिल दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अमर्यादित घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
लंका थाने में कांग्रेस की इस तहरीर के बाद वाराणसी के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसी ओछी हरकतों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो वे सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।