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वाराणसी कांग्रेस की राष्ट्रपति से गुहार: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और 2024 लोकसभा चुनाव रद्द करने की मांग

चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' और पक्षपात का आरोप; वाराणसी जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी ने ज्ञापन भेजकर ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी और देशद्रोह का मुकदमा चलाने की उठाई मांग।

 

भदैनी मिरर (डिजिटल डेस्क): वाराणसी जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी ने देश में हुए पिछले लोकसभा चुनावों और विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए राष्ट्रपति भवन का रुख किया है। कांग्रेस ने राष्ट्रपति महोदया को पत्र लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर संवैधानिक मूल्यों का हनन और चुनाव प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

वाराणसी लोकसभा चुनाव रद्द करने की मांग

राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में वाराणसी कांग्रेस ने विशेष रूप से वाराणसी लोकसभा चुनाव 2024 का मुद्दा उठाया है। कांग्रेस का आरोप है कि वाराणसी चुनाव प्रक्रिया के दौरान व्यापक स्तर पर धांधली और 'वोट चोरी' की गई, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुए। पार्टी ने मांग की है कि वाराणसी लोकसभा चुनाव 2024 को तुरंत निरस्त कर यहाँ दोबारा चुनाव कराए जाएं।

वाराणसी कांग्रेस की 4 प्रमुख मांगे:

  1. वाराणसी चुनाव रद्द हो: वाराणसी लोकसभा चुनाव 2024 को निरस्त कर निष्पक्ष तरीके से दोबारा मतदान कराया जाए।

  2. ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी व देशद्रोह का केस: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या करने के आरोप में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए।

  3. पद से बर्खास्तगी: मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से तुरंत बर्खास्त किया जाए।

  4. सभी चुनाव दोबारा हों: ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान हुए सभी लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों को रद्द कर फिर से कराया जाए।

संविधान और लोकतंत्र पर खतरे का दावा

ज्ञापन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा हाल ही में उठाए गए 'वोट चोरी' के मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि चुनाव आयोग की संदिग्ध गतिविधियों से देश का संविधान और लोकतंत्र खतरे में पड़ गया है। कांग्रेस का आरोप है कि आयोग के मुखिया ने नियमों को ताक पर रखकर एक विशेष राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने का काम किया है।

वाराणसी कांग्रेस कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव आयोग की निष्पक्षता बहाल करने के लिए कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो लोकतंत्र के प्रति जनता का विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा।