वाराणसी : दशाश्वमेध घाट के सामने गंगा पार ऊंट और घोड़े वालों की दबंगई से हड़कम्प, लाठी-डंडे से पिटाई
पर्यटकों से छेड़खानी, लाठी-डंडे से पिटाई की हो रही घटनाएं
पर्यटक से छेड़छाड़ करने पर नाविकों पर किया गया हमला
वाराणसी, भदैनी मिरर। दशाश्वमेध घाट के ठीक सामने गंगा पार ऊंट और घोड़े वालों की दबंगई सरेआम हो गई है। कभी पर्यटकों से छेड़छाड़ तो कभी उनकी पिटाई और मनमाना शुल्क वसूलने की शिकायतें आयेदिन आती रहती है। लेकिन शनिवार को गंगा पार मारपीट और बवाल हो गया। आरोप है कि ऊंट और घोड़े वालों ने पहले पर्यटकों से छेड़छाड़ की। चूंकि यह घटना कटेसर गांव की ओर हुई है और यह क्षेत्र मुगलसराय थाना क्षेत्र में आता है। इसलिए घायलों की ओर से मुगलसराय थाने में तहरीर दी गई है।
बताते हैं कि पर्यटकों को नाविक उस पार ले गये थे। जब नाविकों ने पर्यटकों के साथ ऊंट और घोड़े वालों का दुर्व्यवहार देखा तो विरोध किया। इस पर इन ऊंट और घोड़े वालों ने नाविकों की लाठी व डंडों से पिटाई कर दी। पिटाई से चार नाविकों को चोटें आई हैं। इनमें एक ही हालत गंभीर है। उसे मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मारपीट की सूचना पर माझी समाज के अध्यक्ष प्रमोद माझी गंगा पार पहुंचे। नाविकों ने पुलिस कार्रवाई की मांग करते हुए रामनगर थाने में तहरीर दी। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं चिंतित करने वाली हैं।
प्रमोद माझी ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की पुलिस उच्चाधिकारियों से मांग की है। मारपीट की सूचना पर पुलिस भी पहुंची। पुलिस मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से पर्यटक गंगा पार जाने से हिचकेंगे। इससे पर्यटन व्यवसाय को क्षति पहुंचेगी। नाविक समाज ने भी कहा है कि यदि ऊंट और घोड़े वालों की मनमानी पर प्रभावी रोक नही लगी तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।