{"vars":{"id": "125128:4947"}}

Varanasi: 50 करोड़ के जमीन विवाद पर पहली बार सामने आए BJP जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह, बोले- 'कानूनी तौर पर हुई रजिस्ट्री, विपक्ष रच रहा साजिश'

पारिवारिक कलह में मुझे बनाया जा रहा मोहरा; अखिलेश यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पर भड़के भाजपा नेता, मानहानि का केस दर्ज कराने की दी चेतावनी।

 

 

वाराणसी (भदैनी मिरर ब्यूरो): वाराणसी के रोहनिया थाने में करीब 50 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन की जालसाजी और कब्जे के मामले में नाम आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह पहली बार मीडिया के सामने आए हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। सुरेश सिंह का आरोप है कि विपक्ष उनके सत्तारूढ़ दल से जुड़े होने का फायदा उठाकर इस पारिवारिक विवाद को राजनीतिक रंग दे रहा है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के आदेश पर रोहनिया थाने में भाजपा नेता सुरेश सिंह समेत 10 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उनके गंभीर रूप से बीमार पति को आयुष्मान कार्ड बनवाने के बहाने ले जाकर फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों की संपत्ति हड़प ली गई।

'आयुष्मान कार्ड का आरोप हास्यास्पद, नियमसंगत हुई है रजिस्ट्री'

मीडिया से मुखातिब होते हुए सुरेश सिंह ने जमीन की पूरी कहानी बयां की। उन्होंने कहा:

"जमीन के वास्तविक मालिक ओम प्रकाश जी के पास काफी कर्ज (लोन) था, जिसके चलते वे काफी समय से अपनी जमीन बेचना चाहते थे। उन्होंने अपनी मर्जी से यह जमीन अपने सगे भतीजे को दान (गिफ्ट डीड) की थी। इसके बाद उनके भतीजे ने मेरे पक्ष में विधिवत और कानूनी तौर पर रजिस्ट्री कराई। इस पूरी प्रक्रिया में न तो किसी कानून का उल्लंघन हुआ है और न ही रजिस्ट्री ऑफिस के नियमों का।"

उन्होंने आयुष्मान कार्ड के बहाने दस्तखत कराने के आरोप पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जो व्यक्ति पूरी तरह शिक्षित है, अपने पैरों पर चलकर रजिस्ट्री दफ्तर जाता है, उसे यह अच्छी तरह पता होता है कि रजिस्ट्रार ऑफिस कहाँ है और आयुष्मान कार्ड कहाँ बनता है। यह सब बाद में जमीन को बचाने के लिए रची गई एक पारिवारिक साजिश है, जिसमें मुझे मोहरा बनाया जा रहा है।

अखिलेश यादव और कांग्रेस पर साधा निशाना, दी मानहानि की चेतावनी

इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा किए गए ट्वीट और कांग्रेस की बयानबाजी पर सुरेश सिंह जमकर बरसे। उन्होंने सपा सुप्रीमो पर तंज कसते हुए कहा:

"आज वो लोग मेरा चरित्र प्रमाण पत्र बांट रहे हैं, जिन पर खुद सरकारी आवास से टोटियां और सामान उखाड़ ले जाने के आरोप लगे थे। लहरतारा में जमीन-मकान कब्जा करने के लिए सरेआम एक व्यक्ति को आग के हवाले करने का आरोप जिन पर लगा, वे आज राजनीति कर रहे हैं।"

सुरेश सिंह ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि यदि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने बिना जांच पूरी हुए उनकी और उनकी पार्टी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले राजनीतिक बयान बंद नहीं किए, तो वह दोनों बड़े नेताओं के खिलाफ अदालत में मानहानि (Defamation) की कानूनी कार्रवाई करेंगे।

मेरा कोई आपराधिक इतिहास नहीं, प्रशासन और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा

अपनी बेगुनाही का दावा करते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने कहा कि काशी में आज तक का उनका पूरा इतिहास बेदाग रहा है। उनके व्यापार या व्यक्तिगत जीवन में आज तक किसी की जमीन हड़पने या किसी अन्य मामले में एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह जांच से पीछे नहीं हट रहे हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश प्रशासन की जांच और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। सुरेश सिंह ने कहा, "अगर मैंने कुछ भी गलत किया है तो प्रशासन मुझे निश्चित तौर पर दंडित करे, लेकिन अगर मैं सही हूँ तो मुझे न्याय मिलना चाहिए। मुझे बदनाम करने और मेरी पार्टी को इसमें घसीटने की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी।" फिलहाल, इस पूरे हाईप्रोफाइल मामले में रोहनिया पुलिस की विवेचना जारी है।