वाराणसी: भदैनी का ऐतिहासिक गौरा माई तालाब हुआ अवैध कब्जे से मुक्त, नगर निगम ने लिया अपने नियंत्रण में
एसडीएम सदर कोर्ट के आदेश के बाद खारिज हुए फर्जी नाम; 2.2 एकड़ ऐतिहासिक जलनिकाय पर लगा सरकारी संपत्ति का बोर्ड, सफाई अभियान शुरू।
भदैनी मिरर विशेष रिपोर्ट: शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भदैनी क्षेत्र के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत और गर्व की खबर है। वर्षों से फर्जीवाड़े और अवैध कब्जों का शिकार रहे ऐतिहासिक 'गौरा माई तालाब' (ताल मशहूर गौरामाई) को नगर निगम वाराणसी ने अपने पूर्ण नियंत्रण में ले लिया है। उपजिलाधिकारी (सदर) नितिन सिंह के ऐतिहासिक अदालती आदेश के बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर सीमांकन किया और 'सरकारी संपत्ति' का बोर्ड स्थापित कर दिया।
अदालत का कड़ा रुख: निरस्त हुए फर्जी खातेदारों के नाम
राजस्व अभिलेखों (आराजी नंबर 2317) में लगभग 2.2 एकड़ क्षेत्र में फैला यह जलनिकाय दशकों से 'ताल मशहूर गौरामाई' के नाम से दर्ज था। कुछ भू-माफियाओं और असमाजिक तत्वों ने अभिलेखों में हेरफेर और फर्जी बैनामों के जरिए इस सार्वजनिक संपत्ति पर अपने नाम दर्ज करवा लिए थे।
नगर निगम राजस्व विभाग की रिपोर्ट पर उप्र राजस्व संहिता 2006 की धारा 31/32 के तहत एसडीएम सदर कोर्ट में मामला दर्ज किया गया। सुनवाई के दौरान 1291 फसली के मूल बंदोबस्ती साक्ष्यों और सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध 'हिंचलाल तिवारी बनाम कमला देवी' केस का हवाला देते हुए एसडीएम सदर नितिन सिंह ने बड़ा निर्णय सुनाया:
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14 सितंबर 2026 के आदेश के तहत सभी अवैध खातेदारों/काश्तकारों के नाम तत्काल प्रभाव से निरस्त किए गए।
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भूमि को पुनः श्रेणी 6(1) (जलनिकाय/तालाब) के रूप में दर्ज करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।
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अदालत ने साफ किया कि सार्वजनिक जलमग्न भूमि पर किसी को भी निजी या मालिकाना अधिकार प्राप्त नहीं हो सकता।
मौके पर पहुंची नगर निगम की विशेष टीम, शुरू हुई सफाई
कोर्ट का आदेश मिलते ही नगर आयुक्त हिंमाशु नागपाल के निर्देश पर नगर निगम की टीम भदैनी पहुंची। कार्रवाई का नेतृत्व संयुक्त नगर आयुक्त व जोनल अधिकारी कृष्ण चंद्र, सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, नायब तहसीलदार शेषनाथ यादव और प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप भार्गव ने किया।
प्रवर्तन दल की मौजूदगी में:
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भूमि का सटीक नाप और सीमांकन किया गया।
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मौके पर 'सरकारी संपत्ति' का आधिकारिक बोर्ड गाड़ दिया गया।
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दशकों से उपेक्षित पड़े तालाब की व्यापक सफाई का कार्य भी तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया।
भू-माफियाओं को चेतावनी, जारी रहेगा अभियान
सहायक नगर आयुक्त ने 'भदैनी मिरर' को बताया कि शहर के पोखरों और सार्वजनिक जलनिकायों का संरक्षण व सुंदरीकरण नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि किसी ने पुनः इस संपत्ति पर अतिक्रमण या अवैध निर्माण की कोशिश की, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई (एफआईआर) की जाएगी।
वाराणसी के विभिन्न हिस्सों में सार्वजनिक जमीनों और पोखरों को भू-माफियाओं से मुक्त कराने का यह अभियान आगे भी तेजी से जारी रहेगा।