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वाराणसी: बागेश्वर सरकार का काशी में भव्य स्वागत, महिला आरक्षण बिल पर बोले धीरेंद्र शास्त्री- 'नारी निंदा मत करो, नारी रत्न की खदान'

निजी कार्यक्रम में शामिल होने वाराणसी पहुंचे आचार्य धीरेंद्र शास्त्री, एयरपोर्ट से रथयात्रा तक उमड़ा जनसैलाब, जय श्रीराम के नारों से गूंजी शिवनगरी

 

वाराणसी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रविवार को एक निजी प्रतिष्ठान के उद्घाटन के लिए धर्मनगरी वाराणसी पहुंचे। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरते ही उनके अनुयायियों ने 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में आचार्य ने महिला आरक्षण बिल और मातृशक्ति के महत्व पर बेबाकी से अपनी राय रखी।

मातृशक्ति पर बोले धीरेंद्र शास्त्री: "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते..."

महिला आरक्षण बिल पर चर्चा करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भारत की भूमि आदिकाल से ही मातृशक्ति की पूजक रही है। उन्होंने संस्कृत के श्लोक का संदर्भ देते हुए कहा, "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता"

आचार्य ने जोर देकर कहा, "देश की असली शक्ति मातृशक्ति ही है। यदि मातृशक्ति की ताकत बढ़ेगी, तो निश्चित रूप से देश की शक्ति में भी इजाफा होगा।" उन्होंने आगे मार्मिक अंदाज में कहा, "नारी निंदा मत करो, नारी रत्न की खान है। नारी से ही नर उपजे हैं, चाहे वो ध्रुव हों या प्रह्लाद।"

एयरपोर्ट से रथयात्रा तक 'बागेश्वर सरकार' का जादू

आचार्य धीरेंद्र शास्त्री का वाराणसी दौरा काफी संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली रहा। एयरपोर्ट से लेकर रथयात्रा स्थित कार्यक्रम स्थल तक जगह-जगह उनके अनुयायियों ने स्वागत की जोरदार तैयारी कर रखी थी। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए उन्होंने अपनी गाड़ी से ही हाथ हिलाकर अनुयायियों का अभिवादन स्वीकार किया। सड़कों पर खड़े हजारों भक्त अपने गुरु की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे।

भक्तों का उत्साह और सुरक्षा व्यवस्था

जैसे ही आचार्य का काफिला रथयात्रा क्षेत्र में पहुंचा, पूरा इलाका 'जय श्री राम' और 'बागेश्वर सरकार की जय' के नारों से गूंज उठा। निजी प्रतिष्ठान के उद्घाटन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे, बावजूद इसके भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। आचार्य ने काशी की महिमा और यहाँ के लोगों के प्रेम की सराहना की।