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Varanasi : बर्ड फ्लू की आशंका पर प्रशासन अलर्ट, कंट्रोल रूम स्थापित

 

वाराणसी, भदैनी मिरर। जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पशुपालन विभाग ने किसानों और पोल्ट्री फार्म संचालकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी असामान्य लक्षण या मृत्यु की सूचना तुरंत विभाग को दें। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

रामपुर में मामले की पुष्टि

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आर.एस. राजपूत ने बताया कि रामपुर स्थित एक पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। नियमानुसार उस फार्म के सभी पक्षियों को नष्ट कर दिया गया है। फिलहाल जिले के अन्य किसी फार्म में इस बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग पूरी तरह सतर्क है और फार्मर्स को भयभीत होने की जरूरत नहीं है।

लक्षण जिन पर रखें नज़र

डॉ. राजपूत ने बताया कि पोल्ट्री फार्म में निम्न लक्षण दिखने पर तुरंत सावधानी बरतें और विभाग को सूचित करें:

  • अचानक और बड़ी संख्या में मुर्गियों की मृत्यु

  • मुर्गियों का सुस्त और कम सक्रिय होना

  • चोंच और पैरों का नीला पड़ना

  • सांस लेने में कठिनाई, खांसी और छींक

  • अंडे देने की दर में कमी

  • आंख, नाक से तरल पदार्थ का निकलना

  • शरीर पर घाव या सूजन

बरतें ये सावधानियां

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने पोल्ट्री फार्म संचालकों से कहा है कि वे नियमित सफाई करें, कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव करें, बाहरी लोगों का प्रवेश रोकें, प्रवेश द्वार पर चूना रखें, और फार्म पर लाई गई नई वस्तुओं को कम से कम दो सप्ताह तक अलग रखें। इसके अलावा, वन्य पक्षियों को फार्म में न आने दें और पानी व भोजन के बर्तनों को हमेशा स्वच्छ रखें।
फार्म संचालकों को मास्क, दस्ताने, सैनिटाइजर का प्रयोग करने की सलाह दी गई है। किसी भी पक्षी को छूने के बाद हाथ-मुंह साबुन से अच्छी तरह धोना आवश्यक है।

कंट्रोल रूम नंबर

प्रशासन ने असामान्य लक्षण या मृत्यु की सूचना देने के लिए तीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:

  • 9305133706 (डॉ. योगेश उपाध्याय, नोडल अधिकारी)

  • 6387589262 (बबीता पांडेय, प्रभारी कुक्कुट प्रक्षेत्र प्रबंधक)

  • 9936848068 (सोहराब अली, पशुधन प्रसार अधिकारी)

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने कहा कि जिले के सभी पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण किया जा रहा है और लगातार नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। यह प्रक्रिया सतत और सामान्य है।