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वाराणसी: जर्जर कांशीराम आवास योजना की बदहाली पर फूटा गुस्सा, प्रतिनिधिमंडल ने डीएम कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

छज्जा और बरामदा गिरने से हुई मौत व हादसों के बाद भी सुध न लेने का आरोप; डेढ़ साल पहले जारी आदेश के बाद भी मरम्मत न होने पर उठे सवाल।

 

 

वाराणसी (भदैनी मिरर): शिवपुर स्थित मान्यवर कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना परिसर में भवनों की अत्यंत जर्जर स्थिति और लगातार हो रहे हादसों से आक्रोशित प्रतिनिधियों व स्थानीय निवासियों ने जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों की गैरमौजूदगी में जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर परिसर की तुरंत मरम्मत और मूलभूत सुविधाएं बहाल करने की मांग की गई।

प्रतिनिधित्व कर रहे नेता ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में स्थिति बेहद भयानक और डरावनी हो चुकी है, लेकिन शासन-प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी स्थिति का जायजा लेने तक नहीं पहुंचा।

हाल ही में हादसों में गई जान और बच्ची हुई घायल

ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधि ने कहा कि कुछ ही दिन पहले कांशीराम आवास परिसर में बरामदे और छज्जे का हिस्सा गिर जाने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके बाद भी प्रशासनिक महकमे का कोई प्रतिनिधि वहां झांकने तक नहीं गया।

उन्होंने बताया कि परसों फिर से छज्जे का हिस्सा गिरने से एक मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके अलावा खुली बजबजाती नालियों और बदहाल सड़कों के कारण स्थानीय लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, जहां बच्चों के खेलने तक की कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है।

"डेढ़ साल पहले जारी हुआ था आदेश, फिर भी नहीं हुआ कोई काम"

प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठाते हुए एक सरकारी आदेश का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2025 में ही शासन की ओर से प्रदेश के सभी मान्यवर कांशीराम शहरी गरीब आवासों की मरम्मत कराए जाने के संबंध में स्पष्ट आख्या मांगने और अधिकारी नियुक्त करने का आदेश जारी किया गया था।

उन्होंने सवाल उठाया:

"डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी मरम्मत के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगाई गई। आखिर मरम्मत के लिए जारी हुआ बजट कहां गया? जब भवनों के हिस्से गिर रहे हैं और लोग जान गंवा रहे हैं, तब भी प्रशासन 'ढाक के तीन पात' वाला रटा-रटाया जवाब दे रहा है।"

मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

आवास परिसर के निवासी इमरान व अन्य क्षेत्रीय लोगों के साथ पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि जर्जर मकानों की तत्काल मरम्मत नहीं कराई गई और वहां की नालियों व सड़कों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो प्रभावित परिवार सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।