वाराणसी: मानदेय वृद्धि से असंतुष्ट आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन, ₹18,000 मानदेय की मांग
कम मानदेय वृद्धि पर आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं में आक्रोश; पोषण ट्रैकर से जीपीएस (GPS) हटाने की उठाई मांग
वाराणसी / भदैनी मिरर:
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मानदेय तथा प्रोत्साहन राशि में की गई वृद्धि से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में गहरा असंतोष और निराशा व्याप्त है। इस संदर्भ में आंगनवाड़ी संगठन ने गुरुवार को जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से शासन को एक ज्ञापन प्रेषित कर संतोषजनक मानदेय अथवा संविदा परिषद के मानकों के अनुसार न्यूनतम ₹18,000 मानदेय तय करने की मांग उठाई है।
मामूली बढ़ोतरी से कार्यकर्ताओं में घोर निराशा
संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से शासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि शासन द्वारा जारी पत्र संख्या- 2964/58-1-2026 के तहत आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के मूल मानदेय में मात्र ₹1,500 और सहायिकाओं के मानदेय में ₹750 की ही वृद्धि की गई है।
हालांकि, पीएलआई (PLI) के रूप में कार्यकत्रियों को ₹2,500 और सहायिकाओं को ₹1,250 जोड़कर कुल ₹12,000 और ₹6,000 देने का उल्लेख किया गया है, लेकिन मूल मानदेय में नाममात्र की बढ़ोतरी से कार्यकर्ताओं में रोष है। संगठन का कहना है कि प्रदेश के उत्थान में अहम योगदान देने वाली कार्यकर्ताओं को संविदा परिषद के दायरे में लाते हुए कम से कम ₹18,000 का सम्मानजनक न्यूनतम मानदेय दिया जाना चाहिए।
पोषण ट्रैकर से GPS हटाने की मांग
मानदेय के अलावा, ज्ञापन में पोषण ट्रैकर एप्लिकेशन के संचालन में आ रही तकनीकी व्यावहारिक समस्याओं का भी मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने बताया कि वर्तमान में पोषण ट्रैकर को जीपीएस (GPS) से संचालित किया जा रहा है, जिससे फील्ड में काम करने के दौरान कार्यकत्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन ने मांग की है कि पोषण ट्रैकर को पूर्व की भांति बिना जीपीएस के ही संचालित करने की अनुमति दी जाए, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। कार्यकर्ताओं ने आशा जताई है कि प्रशासन और शासन उनकी इन न्यायसंगत मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए जल्द समाधान निकालेगा।