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वाराणसी: काशी में कला और कल्पना का नया ठिकाना, "अनाहत" आर्ट गैलरी का हुआ भव्य शुभारंभ

सांस्कृतिक संगम: बीएचयू हैदराबाद गेट के पास खुली 'अनाहत' गैलरी, कलाकारों को मिलेगा अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच।

 

वाराणसी: सांस्कृतिक राजधानी काशी के कला जगत में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। प्रज्ञापुरी कॉलोनी (हैदराबाद गेट, BHU के पास) में कला, कल्पना और वास्तविकता के अद्भुत संगम “अनाहत (ANAHATA)” आर्ट गैलरी का रविवार सुबह भव्य शुभारंभ हुआ। इस नई पहल का उद्देश्य स्थानीय और उभरते कलाकारों को एक वैश्विक पहचान दिलाना और कला प्रेमियों के बीच रचनात्मक संवाद स्थापित करना है।

मंदिर न्यास के CEO ने किया उद्घाटन

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) श्री विश्व भूषण मिश्र ने फीता काटकर गैलरी का विधिवत उद्घाटन किया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "अनाहत जैसी कला वीथिकाएं न केवल कला को जीवित रखती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मकता और रचनात्मक सोच का संचार भी करती हैं। काशी जैसी नगरी में ऐसी पहल सराहनीय है।"

उभरते कलाकारों के लिए सशक्त मंच

विशिष्ट अतिथि और स्टेट ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने भी गैलरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि "अनाहत" न केवल वाराणसी बल्कि पूरे प्रदेश के कला परिदृश्य को नई दिशा देगी। यह स्थान भविष्य में कला प्रदर्शनियों, रचनात्मक कार्यशालाओं और सांस्कृतिक चर्चाओं का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।

कला संगम का केंद्र

"अनाहत" आर्ट गैलरी के आयोजकों ने बताया कि यह गैलरी विशेष रूप से युवा कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक समर्पित मंच है। उद्घाटन समारोह में शहर के जाने-माने बुद्धिजीवी, कला प्रेमी और प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।

पता: अनाहत (ANAHATA), लेन नं. 1, प्रज्ञापुरी कॉलोनी, हनुमान मंदिर के सामने, हैदराबाद गेट (BHU) के पास, वाराणसी।