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वाराणसी: 'महोबा कांड पर न्याय मांगने वाले अजय राय को बनाया जा रहा निशाना', प्रदेश अध्यक्ष की पत्नी रीना राय का भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप

मैदागिन कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता; AI जनरेटेड भ्रामक वीडियो के जरिए छवि खराब करने की साजिश, निष्पक्ष जांच की मांग

 

वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): वाराणसी के मैदागिन स्थित कांग्रेस कार्यालय में रविवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की पत्नी रीना राय ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने और राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया। रीना राय ने कहा कि महोबा की दलित छात्रा को न्याय दिलाने की मांग उठाने वालों को ही सरकार और प्रशासन द्वारा निशाना बनाया जा रहा है।

महोबा पीड़ित परिवार से मिलने पर दर्ज हुई FIR

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रीना राय ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने महोबा जाकर पीड़ित दलित परिवार से मुलाकात की थी और उन्हें हरसंभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया था। लेकिन, सरकार ने पीड़ित परिवार की मदद करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय, खुद अजय राय के खिलाफ ही एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी। उन्होंने इसे पूरी तरह से विपक्ष को डराने और राजनीतिक बदला लेने की कार्रवाई करार दिया।

AI जनरेटेड वीडियो के जरिए छवि धूमिल करने की साजिश

रीना राय ने तकनीकी दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक दुर्भावना के चलते अजय राय की सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा:

"आजकल एआई (AI - Artificial Intelligence) तकनीक का गलत इस्तेमाल कर भ्रामक और फर्जी वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। अजय राय के खिलाफ भी इसी तरह के एआई जनरेटेड भ्रामक वीडियो के जरिए दुष्प्रचार किया जा रहा है, ताकि जनता के बीच उनकी साफ-सुथरी छवि को खराब किया जा सके।"

विपक्ष की आवाज दबाने का हो रहा प्रयास— राघवेंद्र चौबे व राजेश्वर पटेल

इस दौरान प्रेस वार्ता में मौजूद कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे और जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने भी सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा की। कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से तानाशाही पर उतारू है और विपक्ष की आवाज को कुचलने के लिए मुकदमों और फर्जी दुष्प्रचार का सहारा ले रही है।

कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के सामने रखी ये प्रमुख मांगें:

  • महोबा दलित छात्रा उत्पीड़न प्रकरण की तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष जांच कराई जाए।

  • घटना में शामिल असली दोषियों की पहचान कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

  • पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से तत्काल 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

  • पीड़ित परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े इंतजाम किए जाएं।