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वाराणसी: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, निकाली प्रतीकात्मक 'शवयात्रा'

वाराणसी कचहरी में डॉ. राहुल राज एडवोकेट के नेतृत्व में वकीलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मांगा इस्तीफा; निष्पक्ष चुनाव और बैलेट पेपर लागू करने की उठाई मांग।

 

भदैनी मिरर डिजिटल डेस्क: वाराणसी कचहरी परिसर में शुक्रवार (9 अक्टूबर 2026) को अधिवक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। डॉ. राहुल राज एडवोकेट के नेतृत्व में अधिवक्ता समाज ने मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रतीकात्मक 'शवयात्रा' निकालकर अपना आक्रोश व्यक्त किया और चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

अधिवक्ताओं की 3 प्रमुख मांगें

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे डॉ. राहुल राज अधिवक्ता ने कहा कि निष्पक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए अधिवक्ता समाज तीन मुख्य मांगों को लेकर आंदोलनरत है:

  1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा।

  2. एस.ए.आर. (SAR) प्रक्रिया को रद्द किया जाना।

  3. आगामी सभी चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर (Ballot Paper) से कराए जाना।

"चुप रहने के बजाय जनता के सामने रखें बात"

प्रदर्शन के दौरान वकीलों को संबोधित करते हुए डॉ. राहुल राज ने कहा, "यदि मुख्य चुनाव आयुक्त जीवित हैं, तो उन्हें देश की जनता के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्हें जवाब देना चाहिए कि उन्होंने किसके दबाव में काम किया है और वह अब तक चुप क्यों हैं? अगर वह अपनी चुप्पी नहीं तोड़ते हैं, तो देश की जनता उन्हें निष्पक्ष संस्था के रूप में मृत समझेगी।"

प्रदर्शन में ये अधिवक्ता रहे मौजूद

कचहरी परिसर में हुए इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से विकास चौहान (एड.), हर्ष सोनकर (एड.), रामलखन साहनी (एड.), सचिन कुमार (एड.), पंकज कन्नौजिया (एड.), करन गुप्ता (एड.), अखिलेश कनौजिया, ऋषभ चतुर्वेदी, सोनू अहमद, राहुल कनौजिया, राजेश यादव, सूर्य कनौजिया, दानिश अंसारी, राजन मिश्रा और मुकेश गिरी सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।