Varanasi : धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ काशी के अधिवक्ताओं का हल्ला बोल; CP दफ्तर पहुंच FIR दर्ज करने की मांग
राम-कृष्ण पर विवादित बयान को लेकर भड़के वकील; विकास सिंह बोले— 'जो राम और कृष्ण को बांटे, वह धर्माचार्य नहीं हो सकता।
भदैनी मिरर (वाराणसी) : कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर धाम) द्वारा भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए विवादित बयानों पर अब काशी के अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार को वरिष्ठ अधिवक्ता एवं यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विकास सिंह के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्ताओं ने वाराणसी के पुलिस कमिश्नर कार्यालय (CP Office) पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के नाम ज्ञापन सौंपकर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
'करोड़ों सनातनियों की आस्था को पहुंची ठेस'
कमिश्नरेट पुलिस को तहरीर देने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अधिवक्ता विकास सिंह ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा:
"धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन धर्म की आस्था को गहरा आघात पहुंचाया है। जो व्यक्ति भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण में भेद करने और उन्हें बांटने की बात करे, वह किसी भी स्थिति में धर्माचार्य नहीं हो सकता। ऐसे बयानों की समाज के हर वर्ग को एक सुर में निंदा करनी चाहिए।
विकास सिंह ने आरोप लगाया कि पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर अभद्र टिप्पणी की गई कि 'तुम्हारे कृष्ण टेढ़े हैं, हमारे राम सीधे हैं, बंसी बजाना खेल है' और अब भगवान श्रीराम को लेकर अनर्गल बयान प्रसारित हो रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि भगवान राम और कृष्ण का ऐसा अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कमिश्नर से मुकदमा दर्ज करने की मांग
अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल को संबोधित लिखित तहरीर देते हुए धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने की धाराओं में तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि लगातार इस तरह के वीडियो सामने आने से समाज में आक्रोश फैल रहा है और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
प्रदर्शन में ये प्रमुख अधिवक्ता रहे मौजूद
पुलिस कमिश्नर कार्यालय में ज्ञापन सौंपने वालों में वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह के साथ सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री आशीष सिंह, राहुल श्रीवास्तव एडवोकेट, अनूप सिंह एडवोकेट, अजहर खान एडवोकेट, दीपक उपाध्याय एडवोकेट, अखिलेश सिंह एडवोकेट और साधु सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।