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वाराणसी : बेटे पर 4 राउंड गोलीबारी के बाद भी आरोपी फरार, पीड़िता ने पुलिस आयुक्त से लगाई गुहार

कोतवाली क्षेत्र में 7 मार्च की रात हुई फायरिंग, CCTV में कैद घटना, आरोपियों पर इंस्टाग्राम से धमकी देने का आरोप

 

वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां फायरिंग की घटना के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़िता सुमन यादव ने लिखित शिकायत में बताया कि 7 मार्च 2026 की रात करीब 1:38 बजे कुछ लोग उनके घर के बाहर पहुंचे और उनके बेटे गोविंद यादव को निशाना बनाते हुए चार राउंड फायरिंग की। घटना के दौरान परिवार के लोग डर के कारण घर के अंदर छिप गए।

CCTV में कैद हुई वारदात

पीड़िता के अनुसार, पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। अगले दिन फुटेज के आधार पर थाना कोतवाली में शिकायत दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।

इस मामले में आर्यन पांडेय, गोलू यादव, आनंद (आंचल) यादव, विशाल साहनी और शंभू साहनी समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

अब तक गिरफ्तारी नहीं, परिवार में दहशत

घटना के करीब दो सप्ताह बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी न होने से परिवार में आक्रोश और भय का माहौल है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस कार्रवाई में ढिलाई बरत रही है।

सोशल मीडिया से मिल रही धमकियां

पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी उनके बेटे को इंस्टाग्राम के जरिए लगातार धमकी दे रहे हैं और गाली-गलौज कर रहे हैं। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है।

धाराएं बढ़ाने की मांग

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना में फिरौती मांगने और जान से मारने की मंशा के बावजूद एफआईआर में संबंधित धाराएं नहीं जोड़ी गई हैं। उन्होंने पुलिस से मुकदमे में सख्त धाराएं जोड़ने की मांग की है।

“बेटे की जान को खतरा”

पीड़िता का कहना है कि उनका बेटा इकलौता है और उसकी जान को गंभीर खतरा है। उन्होंने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

वकील ने भी उठाए सवाल

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी न होना गंभीर लापरवाही है।

मामले में एक बार फिर शिकायत दिए जाने के बाद अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस प्रशासन कब तक आरोपियों को गिरफ्तार करता है और पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय मिल पाता है।