वाराणसी: ऐढ़े गौशाला में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़क
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने ऐढ़े गौशाला और सीनियर केयर सेंटर का किया निरीक्षण; पशु कल्याण और सड़क निर्माण को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश।
भदैनी मिरर न्यूज़ डेस्क: नगर निगम वाराणसी क्षेत्र में पशु कल्याण और आधारभूत ढाँचे के विकास को गति देने के लिए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सोमवार को विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने की हिदायत दी।
ऐढ़े गौशाला में बनेगा सर्वसुविधायुक्त पशु अस्पताल
नगर आयुक्त ने ऐढ़े स्थित गौशाला परिसर के समीप स्वाधीनसागर फाउंडेशन द्वारा संचालित पशु चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पशुओं के उपचार से जुड़े सभी कार्य अनिवार्य रूप से पशु कल्याण अधिकारी की देखरेख में ही संपन्न कराए जाएं।
वर्तमान में कच्चे शेल्टर में चल रही चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नगर आयुक्त ने इसे एक सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक पशु अस्पताल के रूप में विकसित करने का विस्तृत प्रस्ताव (DPR) तैयार करने का आदेश दिया। इस अस्पताल के बनने से आम नागरिक भी अपने पालतू पशुओं का सुगमता से इलाज करा सकेंगे।
गौवंश के लिए पंखे, पौधरोपण और बेहतर ड्रेनेज
गौवंश की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर आयुक्त ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए:
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गर्मी से बचाव: गौशाला के टीन शेड में पर्याप्त संख्या में पंखे लगाए जाएंगे।
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परिसर का सौंदर्यकरण: बाउंड्री वॉल के किनारे व्यापक स्तर पर पौधरोपण कर परिसर को हरा-भरा बनाया जाएगा।
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परिवहन व अवसंरचना: बीमार व असहाय पशुओं के सुचारू आवागमन के लिए एक मैजिक वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, प्रवेश द्वार और परिसर में इंटरलॉकिंग सड़क व जल निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण होगा।
सीनियर केयर सेंटर मार्ग का होगा कायाकल्प
गौशाला निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त ने खुशहाल नगर के पीछे निर्माणाधीन सीनियर केयर सेंटर का रुख किया। बुजुर्गों के आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए उन्होंने 15वें वित्त आयोग के बजट से तत्काल इंटरलॉकिंग सड़क बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की चेतावनी दी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. विजय अमृत राज, सहायक अभियंता, अवर अभियंता (सिविल) सहित नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।