वाराणसी: रोहनिया के शहवाबाद में जमीनी विवाद को लेकर रार,हिस्से से ज्यादा जमीन बेचकर छोटा भाई लगा रहा अनर्गल आरोप
सगी मां ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जताई जानमाल की आशंका; पीड़ित बड़े भाई आजाद भारद्वाज ने कूटनीतिक साजिश और प्रोपेगैंडा को नकारा
भदैनी मिरर, वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम शहवाबाद से एक बेहद गंभीर पारिवारिक व संपत्ति विवाद का मामला सामने आया है। जहाँ एक तरफ पीड़ित मां ने अपने छोटे बेटे पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सुरक्षा की गुहार लगाई है, वहीं दूसरी तरफ जगतपुर इंटर कॉलेज में कार्यरत शिक्षक और बड़े बेटे आजाद कुमार भारद्वाज ने सामने आकर पूरे मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने छोटे भाई द्वारा लगाए गए धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के आरोपों को पूरी तरह निराधार व दिमागी दिवालियापन करार दिया है।
'पिता के हिस्से के भीतर ही बेची जमीन, धोखाधड़ी का आरोप गलत'
भदैनी मिरर से विशेष बातचीत में स्वर्गीय देव मूर्ति शर्मा के बड़े पुत्र आजाद कुमार भारद्वाज ने बताया कि यह पारिवारिक बंटवारे का एक पुराना मामला है। कोरोना काल में पिता की मृत्यु के बाद पूरी संपत्ति तीन बराबर हिस्सों— मां जडावती देवी, स्वयं आजाद भारद्वाज और छोटे भाई अरविंद भारद्वाज के बीच बांटी गई थी।
आजाद कुमार का आरोप है कि छोटे भाई अरविंद ने बिना किसी से पूछे या सहमति लिए अपने हिस्से से लगभग 54 से 56 एयर (6000 स्क्वायर फीट) जमीन पहले ही अंकुर आनंद नामक व्यक्ति को बेच दी। इसके विपरीत, मां के चाल-चलन से दुखी होकर और भविष्य के नुकसान से बचने के लिए मां ने अपने हिस्से की 6000 स्क्वायर फीट जमीन बड़े बेटे आजाद को गिफ्ट डीड (दान) कर दी थी। आजाद भारद्वाज के मुताबिक, उन्होंने अपने हिस्से और मां द्वारा गिफ्ट की गई कुल 12,000 स्क्वायर फीट जमीन को पूरी कानूनी मर्यादा के तहत श्री मनोहर लाल सेवरमानी और उनके परिवार के नाम रजिस्ट्री की है। यह पूरी तरह पिता से प्राप्त वैध शेयर के भीतर है, अतः फ्रॉड का कोई सवाल ही नहीं उठता।
कलयुगी आचरण: मां को प्रताड़ित करने और मारपीट का आरोप
आजाद भारद्वाज ने भावुक होते हुए बताया कि साल 2021 में उनके इकलौते बेटे की डेंगू से असमय मृत्यु हो गई थी, जिसके सदमे में मां को हार्ट अटैक भी आया था। ऐसे कठिन समय में भी छोटा भाई अरविंद लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करता रहा। स्थानीय यादव परिवार और पड़ोसियों के हस्तक्षेप के बाद कई बार मामले शांत कराए गए। पूर्व में चौकी इंचार्ज गौरव पांडे के समक्ष मां ने दुखी होकर अरविंद को पागलखाने भेजने तक की मांग की थी, लेकिन रिश्तेदारों के समझाने पर पारिवारिक मर्यादा की खातिर विधिक कार्रवाई रोक दी गई थी।
बेटे के आचरण से भयभीत मां ने सीएम से मांगी सुरक्षा
लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक यंत्रणा से त्रस्त बुजुर्ग मां जडावती देवी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भेजकर अपनी जान-माल की रक्षा की गुहार लगाई है। मां का कहना है कि उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हो चुकी है और वृद्धावस्था में उनकी पूरी देखभाल बड़े बेटे आजाद और उनकी पत्नी करती हैं। छोटा बेटा हिस्से की संपत्ति बेचने के बाद भी लगातार उनके हिस्से पर नजर गड़ाए हुए है और आए दिन शराब पीकर घर के बाहर हंगामा करता है। मानसिक पीड़ा से आहत होकर मां ने यहाँ तक कह दिया है कि उनके निधन के बाद कलयुगी छोटे बेटे को उनके शव के पास आने की अनुमति न दी जाए।
मामला दीवानी न्यायालय में लंबित, प्रोपेगैंडा फैला रहा विपक्ष
बड़े भाई आजाद भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि जमीन के मालिकाना हक और शेयर निर्धारण का पूरा मामला वर्तमान में दीवानी न्यायालय (Civil Court) में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि जब मामला कोर्ट में चल रहा है, तो सोशल मीडिया या अन्य चैनलों पर भ्रामक खबरें चलवाकर पुलिस प्रशासन को दोषी ठहराना और प्रोपेगैंडा फैलाना पूरी तरह गलत है। कोर्ट के फैसले से ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। फिलहाल पुलिस और राजस्व विभाग पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं।