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वाराणसी: जंसा में LIC के नाम पर 39 लाख की बड़ी ठगी, फर्जी एडवाइजर और नकली वकील बनकर पीड़ितों से ऐंठे पैसे

बेरूका के पिता-पुत्रों पर LIC पॉलिसी और उसकी 'कनेक्टिंग कंपनी' बताकर करोड़ों के फर्जीवाड़े का आरोप; 14 से अधिक पीड़ितों ने पुलिस कमिश्नर से लगाई गुहार।

 

वाराणसी (भदैनी मिरर)। वाराणसी के जंसा थाना क्षेत्र अंतर्गत करोड़ों रुपये के बड़े वित्तीय धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला प्रकाश में आया है। LIC (भारतीय जीवन बीमा निगम) में पैसा जमा करने और बेहतर रिटर्न दिलाने का झांसा देकर एक ही परिवार के तीन लोगों पर लगभग 39,07,400 रुपये (उन्तालीस लाख सात हजार चार सौ रुपये) का गबन करने का गंभीर आरोप लगा है।

पीड़ितों ने सोमवार को अधिवक्ता पंकज कुमार यादव के नेतृत्व में वाराणसी पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

फर्जी बॉन्ड और 'कनेक्टिंग कंपनी' का दिखाया डर

पीड़ितों द्वारा पुलिस कमिश्नर को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, बेरूका (थाना जंसा) निवासी अशोक कुमार शर्मा (मुन्ना) पुत्र स्व. रघुनाथ सिंह और उसके दो बेटों कृष्ण कुमार सिंह (मुकेश) तथा रितेश कुमार सिंह (करिया) ने ग्रामीणों से LIC पॉलिसी के नाम पर लाखों रुपये ऐंठे।

जब ग्रामीण पैसे जमा करते थे, तो आरोपी उन्हें LIC की सीधी रसीद देने के बजाय यह कहकर फर्जी रसीद थमा देते थे कि "यह LIC की कनेक्टिंग/सहायक कंपनी है, इसमें जमा करने पर ज्यादा फायदा (प्रॉफिट) मिलेगा।"

ग्रामीणों को ठगी का अहसास तब हुआ जब उन्होंने एक अन्य LIC एजेंट को वह रसीद दिखाई। एजेंट ने स्पष्ट किया कि दी गई रसीदें LIC की नहीं हैं और उनके साथ बहुत बड़ा फ्रॉड हुआ है।

फर्जी वकील बनकर रोब जमाने का भी आरोप

पीड़ितों के अधिवक्ता पंकज कुमार यादव ने बताया कि आरोपियों में शामिल रितेश कुमार सिंह खुद को फर्जी तरीके से अधिवक्ता (वकील) बताता है। जब बार काउंसिल में इसकी जांच कराई गई, तो पता चला कि उसके पास कोई लीगल लाइसेंस नहीं है। आरोपी फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को डराने-धमकाने और जमीनों पर कब्जा करने की नीयत से फर्जीवाड़ा करता था।

पैसा मांगने पर गाली-गलौज, जातिसूचक शब्द और धमकी

घटनाक्रम के अनुसार, बीते 26 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे जब मुख्य आरोपी अशोक कुमार शर्मा जलालपुर गांव की तरफ जा रहा था, तब पीड़ित सियाराम और अन्य ग्रामीणों ने उसे रोककर अपने पैसों की मांग की। मौके पर हुई पंचायत के दौरान आरोपियों ने साफ कह दिया कि— "तुम्हारा पैसा डूब गया है, कंपनी भाग गई है, अब एक भी रुपया नहीं मिलेगा।"

जब पीड़ितों ने विरोध किया कि पैसा LIC के नाम पर लिया गया था, तो आरोपी आपा खो बैठे। उन्होंने पीड़ितों को मां-बहन की भद्दी गालियां दीं, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।

किस पीड़ित से कितनी रकम की हुई ठगी?

पुलिस को दी गई शिकायत सूची के अनुसार प्रमुख पीड़ितों के नाम और ठगी की रकम इस प्रकार है:

  • दिनेश सोनी: ₹13,00,000

  • खटाई: ₹6,50,000

  • रामजी पटेल: ₹5,00,000

  • शिवजतन: ₹3,45,000

  • हीरावती व योगेंद्र प्रसाद: ₹3,00,000 - ₹3,00,000

  • सियाराम: ₹3,00,000

  • शमा, जीवती, तेजू व राजकुमार कन्नौजिया: ₹2,00,000 (प्रत्येक)

  • कल्लू: ₹1,40,000

  • विमला देवी: ₹1,00,000

  • कन्हैया: ₹80,000

  • अशोक कुमार पटेल: ₹62,400

कुल ठगी की राशि: ₹39,07,400/-

पुलिस कमिश्नर से कार्रवाई का आश्वासन

पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पहले स्थानीय थाना जंसा में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने मामला हाई प्रोफाइल बताकर उच्च अधिकारियों से आदेश लाने की बात कही। इसके बाद मजबूर होकर लगभग 14 पीड़ितों ने सामूहिक रूप से पुलिस कमिश्नरेट का दरवाजा खटखटाया।

पुलिस आयुक्त कार्यालय से जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और सख्त वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।